हाईकोर्ट के सामने चौंकाने वाला मामला! पीड़िता और वकील ने मिलकर दर्ज कराए कई फर्जी मुकदमे, सीबीआई जांच के आदेश

लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने एक ऐसा मामला आया, जिसने न्यायालय को भी हैरत में डाल दिया। एक महिला ने अलग-अलग लोगों पर 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए, वहीं उसके वकील परमानंद गुप्ता ने भी 18 मुकदमे दर्ज कराकर तमाम लोगों को अभियुक्त बना रखा है।

इस पर न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने सभी मामलों की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई जांच कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

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याचिकाकर्ता अरविंद यादव व एक अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पीड़िता द्वारा विभूति खंड थाने में दर्ज कराई गई दुराचार, छेड़छाड़ और धमकी से जुड़ी एफआईआर को चुनौती दी।

याचियों ने दलील दी कि पीड़िता का मुख्य काम ही लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराकर धन वसूली करना है। यही नहीं, उसके वकील परमानंद गुप्ता ने भी अलग-अलग लोगों पर 18 आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

कोर्ट ने कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि पीड़िता और उसका वकील मिलकर झूठे मुकदमे दर्ज कराकर पैसों की उगाही कर रहे हैं। वर्तमान एफआईआर भी इसी तरह की लगती है।"

सीबीआई सभी मुकदमों की जांच कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट सौंपे। याचिकाकर्ताओं को ठोस साक्ष्य के बिना गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।

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