International Women’s Day : बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता से बदल रहा समाज – सीडीओ देवयानी

बरेली : बदलते समय के साथ महिलाएं अब सामाजिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा रही हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और समाज में बढ़ती जागरूकता के चलते महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर बन रही हैं और विकास की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह बातें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी ने कही।

उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।

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सीडीओ ने कहा कि पंचायत स्तर पर भी महिलाएं नेतृत्व की नई मिसाल कायम कर रही हैं। उन्होंने भरतौल ग्राम पंचायत का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां महिला प्रधान के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिल चुके हैं। यह दर्शाता है कि महिलाएं प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी प्रभावी ढंग से निभा रही हैं।

उन्होंने बताया कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जनपद में 18 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां दूरदराज क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा और आवास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे बेटियों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है।

सीडीओ देवयानी ने कहा कि इसका सकारात्मक प्रभाव देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में भी दिखाई दे रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं में लगातार अधिक संख्या में महिलाएं सफलता प्राप्त कर रही हैं, जो समाज में बदलती सोच और अवसरों की समानता को दर्शाता है।

सिविल सेवा अभ्यर्थियों को दिया संदेश

सीडीओ ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि तैयारी के दौरान सीमित और निर्धारित पुस्तकों पर ही ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध हर संसाधन के पीछे भागने के बजाय योजनाबद्ध अध्ययन करना अधिक प्रभावी होता है।

उन्होंने मॉक टेस्ट को परीक्षा तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी का स्तर समझने में मदद मिलती है। साथ ही उन्होंने परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने और मानसिक तनाव से बचने के लिए रोज कुछ समय स्वयं के लिए निकालने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग भी सकारात्मक और ज्ञानवर्धक तरीके से करना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अवसरों की समानता से महिलाएं आज समाज में परिवर्तन की मजबूत धुरी बन रही हैं।

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