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स्वाभिमान मिशन : प्रीति अदाणी के नेतृत्व में 10 लाख महिला उद्यमी बनाने का लक्ष्य
मुंबई : अदाणी ग्रुप की सामाजिक सेवा इकाई अदाणी फाउंडेशन ने अपने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘स्वाभिमान’ के विस्तार की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर में 10 लाख महिला उद्यमियों को सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
विस्तार के पहले चरण में फोकस महाराष्ट्र पर रहेगा, जहां पहले वर्ष में एक लाख महिलाओं को उद्यमिता और आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम का संचालन महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी और ट्रस्टी शिलिन अदाणी के साथ महाराष्ट्र सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े तथा माविम की प्रबंध निदेशक नंदिनी आवाडे भी उपस्थित रहीं।
इस दौरान स्वतेजा मार्ट का उद्घाटन किया गया, जो महिलाओं द्वारा संचालित एक सामुदायिक बाजार है। यहां स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ने के अवसर और अपने उत्पाद बेचने का मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इसी पहल के तहत एक क्लाउड किचन की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की गई, जिसमें स्वाभिमान कार्यक्रम के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हुई महिलाओं की प्रेरक कहानियां शामिल हैं। मुंबई में इस पहल के तहत अब तक 800 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि स्वाभिमान महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है और यह राज्य की विभिन्न योजनाओं को भी मजबूती देती है।

वहीं मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि स्वाभिमान जैसी पहलें खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को उद्यमिता के अवसर देकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना समुदाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने बताया कि स्वाभिमान कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और आजीविका से जुड़े कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें।

अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में देश के 22 राज्यों के 7,000 से अधिक गांवों में काम कर रहा है और अपनी विभिन्न पहलों के जरिए 96 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं।
