69 हजार शिक्षक भर्ती मामला: मंत्री आवास पहुंचे अभ्यर्थी, जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी

लखनऊ। 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ओबीसी और एससी वर्ग के सैकड़ों अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर बेसिक शिक्षा मंत्री के सरकारी आवास के बाहर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि ओबीसी वर्ग को निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण के बजाय काफी कम अवसर मिले, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग के अभ्यर्थियों को भी पूरा आरक्षण लाभ नहीं दिया गया।

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आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में मामले की अहम सुनवाई होनी है, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि राज्य सरकार अदालत में मजबूती से पक्ष रखे ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।

गौरतलब है कि 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामला लंबे समय से विवादों में है और वर्ष 2018 से यह मुद्दा लगातार अदालतों में विचाराधीन है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहले भर्ती की मेरिट सूची को निरस्त करते हुए नई सूची जारी करने का आदेश दिया था, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा रखी है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और आरक्षण के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण अंतिम निर्णय अदालत के आदेश के बाद ही संभव होगा।

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