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बांदा में गर्मी का कहर: बिजली-पानी संकट से बेहाल लोग, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
बांदा। बुंदेलखंड का बांदा जिला इन दिनों भीषण गर्मी, लू और बिजली-पानी संकट की मार झेल रहा है। तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है और इसके साथ ही बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों का दिन तो दिन, रात में भी चैन से रहना मुश्किल हो गया है।
बिजली कटौती पर फूटा लोगों का गुस्सा
बिजली विभाग भले ही शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 20 घंटे आपूर्ति का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत अलग नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार बिजली कटौती को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
कई इलाकों में रातभर बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि 45 से 48 डिग्री तापमान के बीच बिजली कटौती से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
भीषण गर्मी और लू का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बांदा जिला अस्पताल में दस्त, उल्टी, डायरिया, बुखार और पेट दर्द के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक रोजाना 200 से अधिक नए मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। ओपीडी में मरीजों की संख्या 800-900 से बढ़कर 1200 के पार पहुंच गई है। अस्पताल के वार्ड फुल होने के कारण कई मरीजों का इलाज स्ट्रेचर और बेंच पर करना पड़ रहा है।
गांवों में गहराया पानी संकट
बिजली के साथ-साथ पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में जलस्तर नीचे चले जाने से हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। कई गांवों में लोग पुराने कुओं पर निर्भर हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से सरकारी पानी की सप्लाई भी बाधित है। कुछ गांवों में लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो वे चुनाव बहिष्कार करेंगे।
प्रशासन अलर्ट मोड में
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अब सक्रिय हो गया है। नगर पालिका परिषद ने शहर के प्रमुख स्थानों पर अस्थायी ‘कूलिंग प्वाइंट’ बनाए हैं, जहां लोगों को ठंडा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण कर मरीजों और तीमारदारों के लिए कूलर, वॉटर कूलर और विशेष कूलिंग प्वाइंट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा ग्राम पंचायतों में कूलिंग सेंटर सक्रिय करने, पानी की कमी वाले गांवों में टैंकर भेजने और खराब हैंडपंपों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने गौशालाओं में भी पशुओं के लिए पानी, छाया और चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
