यूपी में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, पहले दिन 1.35 करोड़ घरों को मिला नंबर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण ‘मकान सूचीकरण एवं भवन गणना’ अभियान की शुक्रवार को शुरुआत हो गई। अभियान के पहले ही दिन प्रदेशभर में 1 करोड़ 35 लाख से अधिक घरों को जनगणना संख्या प्रदान की गई। इस बार की जनगणना खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें केवल मकानों की गिनती ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है।

प्रदेश की प्रमुख धरोहरों जैसे काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल और झांसी किला को भी मकान सूचीकरण एवं भवन गणना अभियान के तहत दर्ज किया गया है।

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3.89 लाख ब्लॉकों में शुरू हुआ सर्वे

जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत प्रदेशभर में कुल 3,89,312 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में गणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों ने घर-घर पहुंचकर सर्वे शुरू किया। पहले दिन भवनों को नंबर देने और उनका नजरी नक्शा तैयार करने का कार्य प्राथमिकता पर किया गया।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार शाम पांच बजे तक 56 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया गया, जबकि 14,546 ब्लॉकों में मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल डेटा संग्रहण भी शुरू कर दिया गया।

लाखों परिवारों ने की स्व-गणना

अधिकारियों के मुताबिक 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना अभियान चलाया गया था, जिसमें 47,96,158 परिवारों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कराई।

विभाग के अनुसार एक मकान सूचीकरण ब्लॉक में औसतन 700 से 800 की आबादी तथा 180 से 200 मकानों का अनुमान रखा गया है।

भीषण गर्मी के बीच अभियान पर उठे सवाल

उधर, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जनगणना कार्य आगे बढ़ाने की मांग की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि बांदा समेत कई जिलों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और लू के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। ऐसे में शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभियान की समयसीमा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

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