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सेवलाइफ फाउंडेशन ने प्रयागराज के जेबीएस पब्लिक स्कूल में स्कूल ज़ोन सेफ्टी ट्रीटमेंट शुरू किया
प्रयागराज, 2 मार्च: सेवलाइफ फाउंडेशन (एसएलएफ) ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के सहयोग से प्रयागराज के जेबीएस पब्लिक स्कूल में स्कूल ज़ोन सेफ्टी ट्रीटमेंट का शुभारंभ किया। यह पहल एसएलएफ के ‘ज़ीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ (जेडएफडी) कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना है।
एसएलएफ के अनुसार, रीवा रोड (एनएच-30) पर स्थित स्कूल के आसपास सुरक्षा ऑडिट और सामुदायिक परामर्श के दौरान कई जोखिम सामने आए थे, जिनमें स्कूल ज़ोन साइनेज का अभाव, तेज़ रफ्तार वाहनों का अनियंत्रित आवागमन, अपर्याप्त रोशनी, असुरक्षित क्रॉसिंग, पैदल पथ और मीडियन क्रैश बैरियर की कमी शामिल है। इन जोखिमों को कम करने के लिए डेटा आधारित इंजीनियरिंग उपाय लागू किए गए हैं।
इन उपायों में रोड मार्किंग, रंबल स्ट्रिप्स, स्कूल ज़ोन साइनेज और ब्लिंकर लाइट्स, पैदल पथ व साइकिल लेन, पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ ज़ोन, दिशा सूचक चिह्न और वाहन सक्रिय गति संकेतक (वीएएसएस) की स्थापना शामिल है, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित हो और दृश्यता बढ़े।
प्रयागराज के ट्रैफिक के डीसीपी नीरज कुमार पांडे ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा जिला सड़क सुरक्षा योजना की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और स्कूल क्षेत्रों में इस तरह के वैज्ञानिक व संगठित प्रयास सड़क सुरक्षा को मजबूत करते हैं। उन्होंने जेडएफडी कार्यक्रम को संस्थागत स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप का माध्यम बताया।

एसएलएफ के संस्थापक और सीईओ पीयूष तिवारी ने कहा कि स्कूल ज़ोन जिले के सबसे संवेदनशील क्षेत्र होते हैं और यहां लक्षित, डेटा आधारित इंजीनियरिंग सुधारों से बड़े पैमाने पर जोखिम कम किए जा सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और टाटा एआईजी के सहयोग के लिए आभार जताया।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी) देवांग पंड्या ने कहा कि सड़क सुरक्षा साझा जिम्मेदारी है और संगठन उत्तर प्रदेश में जीवन रक्षक पहलों के लिए प्रतिबद्ध है।
एसएलएफ का जेडएफडी कार्यक्रम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है और इसे देश के उच्च जोखिम वाले जिलों में लागू किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
