UP Cabinet Decision : विकास प्राधिकरणों के डिफॉल्टरों को राहत, ओटीएस योजना 2026 को मंजूरी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विकास प्राधिकरणों, आवास एवं विकास परिषद तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों से जुड़े डिफॉल्टरों को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 2026 लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।

बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि विभिन्न विकास प्राधिकरणों और संबंधित संस्थाओं में संपत्तियों से जुड़े 18,982 मामलों में लगभग 11,848.21 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके अलावा मानचित्र स्वीकृति से जुड़े 545 मामलों में करीब 1,482.10 करोड़ रुपये की राशि लंबित है।

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उन्होंने बताया कि बकाया राशि की वसूली और डिफॉल्टर आवंटियों को राहत देने के उद्देश्य से ओटीएस योजना लागू की जा रही है। इस योजना के दायरे में आवासीय, व्यावसायिक तथा अन्य आवंटित संपत्तियां, नीलामी अथवा आवंटन पद्धति से दी गई संपत्तियां, सरकारी संस्थानों, विद्यालयों और चैरिटेबल संस्थाओं को आवंटित संपत्तियां तथा मानचित्र स्वीकृति से जुड़े मामले शामिल किए गए हैं।

खन्ना ने बताया कि योजना के तहत डिफॉल्टरों से केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, जबकि दंड ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। योजना के लिए आवेदन की अवधि तीन माह निर्धारित की गई है और प्राप्त आवेदनों का निस्तारण भी तीन माह के भीतर किया जाएगा।

भुगतान व्यवस्था के तहत 50 लाख रुपये तक की देय राशि पर एक-तिहाई भुगतान 30 दिन के भीतर करना होगा और शेष दो-तिहाई राशि तीन मासिक किस्तों में जमा करनी होगी। वहीं 50 लाख रुपये से अधिक की राशि पर एक-तिहाई भुगतान 30 दिन के भीतर और बाकी दो-तिहाई राशि तीन द्विमासिक किस्तों में छह माह के भीतर जमा करनी होगी।

सरकार का कहना है कि इस योजना से डिफॉल्टर आवंटियों को राहत मिलने के साथ ही विकास प्राधिकरणों और संबंधित संस्थाओं की लंबित बकाया राशि की वसूली में भी मदद मिलेगी।

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