प्रधानमंत्री की अपील के विरोध में लखनऊ में सर्राफा व्यापारियों का सांकेतिक धरना

लखनऊ। प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील किए जाने के एक दिन बाद सोमवार को लखनऊ के आशियाना इलाके में करीब 250 आभूषण विक्रेताओं ने सांकेतिक धरना दिया।

की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से सोने के कारोबार और इससे जुड़े करोड़ों श्रमिकों पर आर्थिक संकट आ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल सांकेतिक धरना था।

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के अध्यक्ष माणिक कुमार वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने राहत के उपाय नहीं किए, तो व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां केंद्र सरकार को सौंपने के लिए मजबूर होंगे।

वहीं, के महासचिव सुशील कुमार जैन ने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है, लेकिन आर्थिक गतिविधियां लंबे समय तक प्रभावित नहीं रह सकतीं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार स्वर्ण मुद्रीकरण योजना को प्रभावी तरीके से लागू करे और ‘एक राष्ट्र, एक कर’ व्यवस्था के तहत केवल जीएसटी प्रणाली लागू रखी जाए।

इस बीच, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सर्राफा बाजार से जुड़े करोड़ों कारीगरों और व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।

हालांकि, के उपाध्यक्ष आदिश जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह केवल अपील है और इस संबंध में कोई आधिकारिक परिपत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बाजार सामान्य रूप से खुले हैं और कारोबार जारी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित आर्थिक प्रभावों को देखते हुए नागरिकों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने, सोने की खरीद कम करने और विदेश यात्राएं सीमित रखने की अपील की थी।

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