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Mahashivratri 2025: शिवालयों में उमड़ा भक्तों का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे मंदिर
लखनऊ: महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। भोर से ही शिव मंदिरों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, गोंडा, बहराइच और अयोध्या समेत कई जिलों के प्रसिद्ध शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कमल पुष्पों से हुआ शिवलिंग का विशेष श्रृंगार
बाराबंकी के औसानेश्वर महादेव मंदिर को गोमती नदी से मंदिर तक बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया गया है। भक्तों ने कमल पुष्पों से शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया। पुजारी संजय गिरि के अनुसार, मंदिर के पट भक्तों के लिए रात 1 बजे से ही खोल दिए गए।
कुंतेश्वर महादेव मंदिर में मंगलवार से ही "ॐ नमः शिवाय" का जाप निरंतर चल रहा है। यहां शिवरात्रि पर भंडारे में फलाहार वितरण किया जाएगा। सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
बुधवार सुबह 11:08 बजे से गुरुवार सुबह 8:54 बजे तक पूजा का शुभ समय रहेगा।
- निशीथ काल पूजा: रात 11:54 से 12:44 बजे तक।
- ब्रह्म मुहूर्त पूजा: सुबह 5:16 से 6:04 बजे तक।
- अमृत काल: सुबह 6:02 से 7:31 बजे तक।
रात की पूजा में शिवयोग का विशेष महत्व है, जो 11:41 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा।
अयोध्या में उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला
रामनगरी में महाशिवरात्रि का उल्लास चरम पर है। मंगलवार को करीब 8 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। सुबह 5 बजे से ही राम मंदिर में भक्तों का तांता लग गया। हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की कतारें 1.5 किलोमीटर तक फैली रहीं।
राम की पैड़ी स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर को सुबह 3 बजे खोल दिया जाएगा। मंगलवार को भगवान शिव का हल्दी उत्सव मनाया गया, जबकि बुधवार को भव्य शिव बारात निकाली जाएगी।
शिव बारात का स्वागत क्षीरेश्वरनाथ मंदिर पर होगा, इसके बाद शिव विवाह की रस्म पूरी की जाएगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रामपथ को पूरी तरह सील कर दिया गया है। चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने नागेश्वरनाथ मंदिर और रामलला के दर्शन के लिए बढ़ती भीड़ को देखते हुए शिव बारात के समय में बदलाव किया है। तय हुआ है कि बारात रात को देर से निकाली जाएगी, जब भीड़ का दबाव कम होगा।
कोटेश्वर महादेव: आस्था का प्रमुख केंद्र
रायबरेली के कोटेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। यहां तीन शिवलिंग स्थित हैं, जिन्हें "शिव धाम" के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इन शिवलिंगों के दर्शन मात्र से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है और दूर-दराज से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए पहुंचे हैं।
महाशिवरात्रि पर देशभर में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा है। हर शिवालय में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
