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बलिया : ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, पांच डॉक्टरों पर मुकदमा, ओटी सील
बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान 24 वर्षीय महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों के हंगामे के बीच पुलिस ने पांच डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि निर्धारित लेजर तकनीक के बजाय चिकित्सकों ने ओपन सर्जरी की, जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद ऑपरेशन थिएटर से बाहर आई एक डॉक्टर ने मरीज की स्थिति गंभीर बताते हुए उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
परिजनों का आरोप है कि जब वे ऑपरेशन थिएटर में पहुंचे तो महिला की मौत हो चुकी थी। इसके बाद आक्रोशित परिजन मौके पर धरने पर बैठ गए और तत्काल कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर एसडीएम सदर और क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मृतका के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. ज्योत्स्ना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह और डॉ. रोहन गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि चिकित्सकों ने लापरवाही और तथ्यों को छिपाते हुए गलत जानकारी दी, जिससे महिला की मौत हुई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया है, हालांकि अन्य मरीजों के भर्ती होने के कारण पूरे नर्सिंग होम को सील नहीं किया गया है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। देर शाम तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
इस बीच, मामले में गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिले के एक अन्य निजी अस्पताल में भी ऑपरेशन के दौरान महिला और नवजात की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
