डबल मर्डर मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद, तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

बलिया। के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद डबल मर्डर मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। वहीं, तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

मामला पकड़ी थाना क्षेत्र के जेठवार गांव का है, जहां 29 मई 2017 को निर्मला राय की पुत्री खुशबू राय और फेफना थाना क्षेत्र के खोरीपाकड़ निवासी अजीत गोंड की हत्या कर दी गई थी। अजीत, खुशबू के भाई प्रिंस का मित्र था और उसका घर पर आना-जाना था। परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम संबंध थे।

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शुरुआत में पुलिस ने मामले को आत्महत्या करार देते हुए जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद परिजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर पकड़ी थाना में हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में मामला उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां से विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने का आदेश दिया गया।

अदालत ने मामले में प्रिंस राय, निर्मला राय और पिंकी राय को दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा अन्य धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत भी कारावास और जुर्माने की सजा दी गई।अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ने पैरवी की।

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