बलिया : रहना है स्वस्थ्य तो कल्पनाशीलता से बचें, क्योंकि...

Ballia News : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी पर विकलांगता मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिसमें तीन दर्जन से अधिक मानसिक मंदता के शिकार लोगों व उनके परिजनों को काउंसलिंग की गई। जिला चिकत्सालय की क्लिनिक साईक्लोजिस्ट अनुष्का सिंह ने उपस्थित लोगों को मनोविकार की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि मानसिक संतुलन के कारणों की पहचान किए बगैर उसका उपचार संभव नहीं है। भ्रम, कार्य का बोझ, सामाजिक उपेक्षा, शारीरिक कमजोरी और आर्थिक विपन्नता भी कहीं न कहीं मानसिक विकार की मुख्य वजह है। इसके अलावा स्किजोफ्रिनिआ जिसे बोल चाल को भाषा में अत्यधिक कल्पनाशील होना माना जाता है।

इससे प्रभावित व्यक्ति अपेक्षानुरूप सफलता या परिणाम न मिलने की दशा में अवसाद का शिकार हो जाता है। बताया कि ओसीडी (आबसेसिव-कम्पलसिव डिसआर्डर) का शिकार व्यक्ति सामान्य मनुष्य की तुलना में ज्यादे अस्थिर प्रवृति का होता है। विचारों की परिवर्तनशीलता की वजह से संबंधित व्यक्ति निराशा, उलझन, घबराहट, तनाव, विस्मृति, थकान और अनजाने भय से ग्रसित हो जाता है। जो आगे चल कर मनोविकार का रूप धारण कर लेता है।

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यही नहीं मानसिक अवस्था के इस विचलन को लोग भूतप्रेत का साया मान कर इधर उधर भटकना शुरू कर देते हैं। जिससे उनका सही उपचार संभव नहीं हो पाता। इसके पूर्व उक्त जागरूकता शिविर का उद्घाटन भाजपा मंडल अध्यक्ष अजय सिंह व पूर्व प्रधान बच्चा सिंह ने फीता काट कर किया। इस मौके पर अधीक्षक डॉ रत्नेश कुमार, डॉ अमरनाथ शर्मा, एमओआईसी डॉ मंजीत आनंद के अलावा राधेश्याम, शशिकांत, गौतम कुमार, राजेश राय, जय सिंह, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे।

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