बलिया में मासूम बालिका से दुष्कर्म, 28 साल के आरोपी युवक को मिली 25 साल की सजा

बलिया : पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाये जा रहे अभियान OPERATION CONVICTION के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक बलिया देव रंजन वर्मा के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप करीब तीन साल पूर्व नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) प्रथमकांत की अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।

अदालत ने दोषी शनि राजभर पुत्र लोरिक राजभर (निवासी : पशुहारी, थाना उभांव, बलिया) को 25 साल  सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 36 हजार के जुर्माने से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम करवास भोगना होगा। कोर्ट ने कहा, पीड़िता 9 साल की है और दोषी 28 साल का। आरोपी ने पीड़िता की मासूमियत का फायदा उठाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

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वादी मुकदमा ने उभांव थाने में धारा 376एबी, 323, 457 भादवि व 5एम/6 पाक्सो अधिनियम के तहत शनि राजभर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि शनि पीड़िता के घर आया और 9 वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। पुत्री के शोर मचाने पर लोग इकट्ठा हो गए और आरोपी भाग गया। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचक ने पीड़िता व वादी मुकदमा के बयान के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ दुष्कर्म के मामले का आरोप पत्र प्रेषित किया। न्यायालय ने सुनवाई शुरू की। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद न्यायालय ने सजा सुनाई।

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