फीस न भरने पर प्रताड़ित छात्रा ने की आत्महत्या, स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप

सूरत/अहमदाबाद। सूरत शहर के सचिन इलाके में 8वीं कक्षा की छात्रा ने आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि गोडादरा स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल में फीस जमा न करने पर छात्रा को परीक्षा में बैठने से रोका गया और कक्षा के बाहर खड़ा रहने की सजा दी गई, जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।

घटना का विवरण

मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले राजूभाई खटीक अपने परिवार के साथ सूरत के गोडादरा क्षेत्र के प्रियंका नगर सोसायटी में रहते हैं। राजूभाई रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। उनकी बड़ी बेटी भावना (8वीं कक्षा) गोडादरा स्थित आदर्श पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। सोमवार को जब उसके माता-पिता काम पर गए हुए थे, तब भावना ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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परिजनों के आरोप

भावना के पिता राजूभाई खटीक ने बताया कि फीस बकाया होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने उनकी बेटी को परीक्षा में बैठने से रोक दिया था। उसे कक्षा के बाहर खड़ा रहने की सजा दी गई थी। राजूभाई के अनुसार, भावना इस घटना के बाद से भयभीत और परेशान थी। वह अक्सर घर आकर रोने लगती थी। उन्होंने स्कूल से फीस भरने के लिए अगले महीने तक का समय मांगा था, लेकिन प्रबंधन ने इसे अस्वीकार कर दिया।

आत्महत्या के बाद हड़कंप

मंगलवार सुबह जब परिजनों को भावना की आत्महत्या का पता चला तो घर में हड़कंप मच गया। राजूभाई ने आरोप लगाया कि स्कूल द्वारा दी गई सजा और लगातार दबाव के कारण उनकी बेटी ने यह कदम उठाया।

जांच शुरू

छात्रा के माता-पिता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच के लिए अधिकारियों की टीम तैनात की गई है।

परिवार में शोक का माहौल

राजूभाई की बेटी की मौत से परिवार सदमे में है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी और स्कूल की इस बेरहमी ने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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