चूका बीच 23वें दिन भी बंद, पर्यटन सत्र खत्म होने से पहले पर्यटकों की बढ़ी मायूसी

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख पर्यटन स्थल और ‘मिनी गोवा’ के नाम से प्रसिद्ध चूका बीच में रात्रि विश्राम की सुविधा लगातार 23वें दिन भी बंद रही। इससे पर्यटकों में निराशा बढ़ती जा रही है। पर्यटन सत्र के अंतिम दिनों में भी हटों की बुकिंग शुरू न होने से राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।

दरअसल, मई के पहले सप्ताह में चूका बीच क्षेत्र में दो बाघों की लगातार सक्रियता देखी गई थी। इससे पहले भी एक बाघ रात के समय पर्यटक हटों के काफी करीब तक पहुंच गया था। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए वन निगम ने 6 मई से चूका बीच की हटों की बुकिंग और रात्रिकालीन पर्यटन पर रोक लगा दी थी।

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हालांकि दिन के समय जंगल सफारी के लिए पर्यटकों की आवाजाही जारी रही, लेकिन शारदा सागर डैम में बोट सफारी पर भी रोक लगा दी गई थी। बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने हाथियों की मदद से चूका बीच और आसपास के जंगलों में लगातार निगरानी कराई।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले चार-पांच दिनों से चूका बीच और आसपास के क्षेत्रों में बाघों की कोई सक्रियता दर्ज नहीं की गई है। स्थिति सामान्य होने के बाद हाथियों को भी अन्य क्षेत्रों में भेज दिया गया है।

इसके बावजूद चूका बीच की हटों की बुकिंग अभी तक शुरू नहीं की गई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 जून को समाप्त होना है और अब इसमें कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में पर्यटक लगातार वन निगम और वन विभाग के कर्मचारियों से बुकिंग शुरू होने की जानकारी ले रहे हैं।

चूंकि रात्रिकालीन पर्यटन पर रोक लगाने का निर्णय वन निगम द्वारा लिया गया था, इसलिए स्थानीय वनकर्मी भी बुकिंग शुरू होने की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो पर्यटन सत्र के अंतिम दिनों में भी बड़ी संख्या में पर्यटक चूका बीच का आनंद लेने से वंचित रह जाएंगे।

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