नई दिल्ली: रेखा गुप्ता बनीं दिल्ली की नई मुख्यमंत्री, 27 साल बाद भाजपा की सत्ता में वापसी

नई दिल्ली। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता की घोषणा कर दी गई है। वह गुरुवार को रामलीला मैदान में भव्य समारोह में शपथ लेंगी। 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। मुख्यमंत्री के चयन के लिए भाजपा ने वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद और ओमप्रकाश धनखड़ को जिम्मेदारी सौंपी थी। रेखा गुप्ता शालीमार बाग सीट से विधायक हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 48 सीटों पर जीत मिली, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को 22 सीटों से संतोष करना पड़ा।

पहली बार विधायक बनीं, शालीमार बाग से बड़ी जीत

रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता, जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को 29,595 वोटों के बड़े अंतर से हराया। राजनीति में उनका प्रवेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से हुआ था। उन्होंने 1994-95 में दौलत राम कॉलेज की सचिव, 1995-96 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की सचिव, और 1996-97 में DUSU की अध्यक्ष पद का दायित्व निभाया।

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भाजपा में कई अहम पदों पर रहीं सक्रिय

रेखा गुप्ता ने 2003-2004 में भाजपा युवा मोर्चा दिल्ली की सचिव के रूप में कार्य किया। इसके बाद 2004-2006 में युवा मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव बनीं। अप्रैल 2007 में उत्तरी पीतमपुरा वार्ड से भाजपा के टिकट पर पार्षद चुनी गईं। नगर निगम में पार्षद बनने के बाद उन्होंने महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। 2010 में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य बनीं और वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।

2015 और 2020 में मिली थी हार, इस बार ऐतिहासिक जीत

रेखा गुप्ता को 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में शालीमार बाग सीट से हार का सामना करना पड़ा था। 2015 में उन्हें 11,000 वोटों से और 2020 में 3,440 वोटों से पराजय मिली थी। लेकिन इस बार उन्होंने वंदना कुमारी को बड़े अंतर से हराकर शानदार वापसी की।

हरियाणा के जींद की मूल निवासी

रेखा गुप्ता मूल रूप से हरियाणा के जींद जिले के नंदगढ़ गांव की रहने वाली हैं। उनके दादा मनिराम और परिवार के अन्य सदस्य अब भी वहीं रहते हैं। उनके पिता जयभगवान की नौकरी दिल्ली में लगने के बाद उनका परिवार वहीं बस गया। दिल्ली में ही उनकी स्कूली और उच्च शिक्षा पूरी हुई।

सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय

1998 में उनकी शादी मनीष गुप्ता से हुई, जो स्पेयर पार्ट्स के कारोबार से जुड़े हैं। अपने राजनीतिक करियर के दौरान रेखा गुप्ता जनता के साथ निरंतर जुड़ी रहीं और विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई।

रेखा गुप्ता की मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति दिल्ली की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ रही है। उनकी जीत से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

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