जोधपुर सड़क हादसे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, कांस्टेबल और शिक्षक बेटे समेत चार की मौत

जोधपुर : बोरूंदा थाना क्षेत्र के रावनियाना गांव में एक भीषण सड़क हादसे ने खुशहाल परिवार की दुनिया उजाड़ दी। मजदूरी कर परिवार पालने वाले 52 वर्षीय संतोषपुरी के घर में हाल ही में खुशियों ने दस्तक दी थी। बड़ा बेटा अमरीश पुरी पुलिस कांस्टेबल बन चुका था, जबकि छोटे बेटे उमेशपुरी उर्फ आकाश का तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर चयन हुआ था। पांच दिन बाद उसे नौकरी ज्वाइन करनी थी।

तीन माह पहले ही उमेश का मुकलावा हुआ था और नई बहू नीतू घर आई थी। वहीं बड़े बेटे अमरीश के घर तीन वर्षीय बेटी मानसी और आठ माह के बेटे वेदांश की किलकारियों से परिवार खुशहाल था। रविवार सुबह परिवार के आठ सदस्य बुटाटी धाम दर्शन के लिए रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में हुए दर्दनाक हादसे ने सबकुछ बदल दिया।

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हादसे में संतोषपुरी के दोनों बेटे अमरीश पुरी और उमेशपुरी, पत्नी तथा बहू की मौत हो गई। वहीं संतोषपुरी, पोती मानसी, पोता वेदांश और बड़े बेटे की पत्नी जसोदा उर्फ ज्योत्सना गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार मथुरादास माथुर अस्पताल में चल रहा है।

मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

हादसे में पुलिस कांस्टेबल अमरीश पुरी की मौत हो गई। उनकी पत्नी जसोदा, तीन वर्षीय बेटी मानसी और आठ माह का बेटा वेदांश घायल हैं। मासूम बच्चों को अभी यह भी नहीं पता कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। अस्पताल में बच्चों की हालत देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं।

पांच दिन बाद ज्वाइन करनी थी शिक्षक की नौकरी

उमेशपुरी उर्फ आकाश के लिए आने वाले दिन नई उम्मीद लेकर आए थे। शिक्षक भर्ती में चयन के बाद परिवार में खुशी का माहौल था। शादी को अभी तीन माह ही हुए थे और पत्नी नीतू के साथ उसने नई जिंदगी के सपने देखे थे। लेकिन हादसे में दोनों की साथ मौत हो गई।

गांव में पसरा मातम

हादसे की खबर गांव पहुंचते ही पूरे रावनियाना गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। गांव में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। जिस घर में कुछ दिन पहले खुशियों की गूंज थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

बताया गया कि परिवार शनिवार को गांव में एकत्र हुआ था और रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बुटाटी धाम के लिए रवाना हुआ था। अमरीश पुरी पाली जिले में कांस्टेबल पद पर तैनात थे और शनिवार शाम ही ड्यूटी से गांव लौटे थे।

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