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84 वर्षीय पिता की अनदेखी पड़ी भारी, महिला IAS ने तीन बेटों को भेजा जेल
चेन्नई/पुडुचेरी : माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007 के तहत पुडुचेरी के कराईकल जिले में एक अनोखा और सख्त फैसला सामने आया है। कराईकल की सब कलेक्टर एवं सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट ने 84 वर्षीय बुजुर्ग पिता की देखभाल न करने और भरण-पोषण राशि न देने पर उनके तीन बेटों को जेल भेजने का आदेश दिया है।
शिकायत पर सुनवाई करते हुए सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट एम. पूजा ने बेटों को जेल भेजने का आदेश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक वे अपने पिता को 71 माह की बकाया धनराशि का भुगतान नहीं करते, तब तक उनकी जेल की सजा जारी रह सकती है।
बुजुर्गों को सुरक्षा देता है सीनियर सिटीजन एक्ट
'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007' वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्रदान करता है। इस कानून के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक अपने वयस्क बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं।
युवा IAS के फैसले की हो रही चर्चा
AGMUT कैडर की 2023 बैच की आईएएस अधिकारी एम. पूजा मूल रूप से कर्नाटक की रहने वाली हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकॉम इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री प्राप्त की है। जुलाई 2025 में उन्हें कराईकल के सब कलेक्टर का दायित्व सौंपा गया था।
सिविल सेवा में अपेक्षाकृत कम अनुभव होने के बावजूद उनके इस फैसले की पूरे कराईकल जिले में चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि यह आदेश उन संतानों के लिए एक सख्त संदेश है, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेते हैं।
कराईकल जिले की जिलाधिकारी की जिम्मेदारी भी के पास है, जिससे जिले में महिला प्रशासनिक अधिकारियों की प्रभावी भूमिका की भी चर्चा हो रही है।
