बजट 2025: शिक्षा मंत्रालय को 1.28 लाख करोड़ रुपये, पांच नए IITs के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2025-26 में शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं, जिनमें पांच नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) में 6,500 अतिरिक्त छात्रों के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार, 10,000 नए मेडिकल सीट्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को बढ़ावा देने की योजना शामिल है। इस बार शिक्षा मंत्रालय को 1.28 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

उच्च शिक्षा विभाग को 50,067 करोड़ रुपये और स्कूली शिक्षा विभाग को 78,572 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट पेश करते हुए भारतीय भाषाओं में स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए डिजिटल पुस्तकों की योजना का भी ऐलान किया।

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IITs और मेडिकल शिक्षा में विस्तार

सीतारमण ने घोषणा की कि सरकार पांच नए IITs में बुनियादी ढांचे का विस्तार करेगी और IIT पटना का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 23 IITs में छात्रों की संख्या 100% बढ़कर 1.35 लाख हो गई है, और अब इन संस्थानों में 6,500 अतिरिक्त छात्रों को शिक्षा प्रदान की जाएगी।

IITs के लिए आवंटित बजट इस साल 11,349 करोड़ रुपये है, जो पिछले साल के 10,467 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा, सरकार ने मेडिकल शिक्षा में भी सुधार की योजना बनाई है। अगले साल से 10,000 अतिरिक्त मेडिकल सीट्स जोड़ी जाएंगी, और अगले पांच वर्षों में 75,000 सीट्स जोड़ने का लक्ष्य है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कौशल विकास

वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में IITs और IISC में 10,000 फेलोशिप प्रदान की जाएंगी। साथ ही, कौशल विकास के लिए पाँच राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, और 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं सरकारी स्कूलों में बनाई जाएंगी।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए, 500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ AI में शिक्षा के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

सार्वजनिक शिक्षा संस्थानों के लिए बढ़ा हुआ बजट

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) जैसे शैक्षिक निकायों के लिए आवंटन में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) के लिए आवंटन में 137 करोड़ रुपये की कमी आई है, और विश्व स्तरीय संस्थानों के लिए आवंटित राशि में 50% की कटौती की गई है।

इस बजट के साथ, सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो आने वाले वर्षों में भारतीय शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने में सहायक होंगे।

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