भोपाल से पिछड़ों-दलितों के हक की हुंकार भरेगा अपना दल (एस), 20 मई को होगा महामंथन

भोपाल, 18 मई। उत्तर प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा राजनीतिक दल अपना दल (एस) अब मध्य प्रदेश की राजनीति में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में जुट गया है। पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की आवाज को बुलंद करने के उद्देश्य से पार्टी आगामी 20 मई को राजधानी भोपाल में “वर्तमान राष्ट्रीय पदाधिकारी, पूर्व प्रदेश एवं जिला कार्यकारिणी बैठक सह स्वागत समारोह एवं पत्रकार वार्ता” का आयोजन करने जा रही है।

यह कार्यक्रम पार्टी के नवनियुक्त कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन की अध्यक्षता में आयोजित होगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल के सामाजिक न्याय के एजेंडे को मध्य प्रदेश में मजबूती से आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।

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बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। वहीं महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपमाला कुशवाहा और राष्ट्रीय सचिव कालका पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी

राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी आर. बी. सिंह पटेल ने कहा कि अनुप्रिया पटेल ने हमेशा सड़क से लेकर संसद तक पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों की मजबूती से लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में ओबीसी आरक्षण लागू करवाने और केंद्रीय विद्यालयों व नवोदय विद्यालयों में पिछड़े वर्ग के छात्रों को अधिकार दिलाने में अनुप्रिया पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि भोपाल की यह बैठक मध्य प्रदेश में शोषित और वंचित वर्ग को उनका हक दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी तथा पार्टी सामाजिक न्याय के संदेश को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाएगी।

संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस

नवनियुक्त कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल स्वागत समारोह नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन विस्तार और भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक मंथन होगा।

उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों और बूथ स्तर तक मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा किया जाएगा। पार्टी गांव, गरीब, किसान और आदिवासी समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सड़क से लेकर शासन स्तर तक संघर्ष करेगी।

राजनीतिक समीकरण बदलने की तैयारी

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार अपना दल (एस) का यह कदम मध्य प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। लंबे समय से पिछड़ा और दलित वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। ऐसे में पार्टी खुद को एक मजबूत वैकल्पिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

उत्तर प्रदेश में अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में पिछड़ों की राजनीति को मिली नई दिशा के आधार पर पार्टी अब मध्य प्रदेश में भी सोशल इंजीनियरिंग के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि भोपाल की यह बैठक आगामी चुनावी रणनीति का शंखनाद साबित हो सकती है।

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