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Varanasi News : एनएसई ने सीईआरसी के ड्राफ्ट संशोधन 2026 में मार्केट कपलिंग लागू करने का किया स्वागत
वाराणसी : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने हाल ही में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग (सीईआरसी) द्वारा जारी पावर मार्केट (ड्राफ्ट सेकंड संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना का स्वागत किया है, जो मार्केट कपलिंग लागू करने से संबंधित है।
एनएसई ने कहा कि मार्केट कपलिंग की शुरुआत भारतीय पावर मार्केट में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और एक समान कीमत तय करने की दिशा में बड़ा कदम है। “वन नेशन, वन ग्रिड, वन प्राइस” के सिद्धांत के अनुसार, यह लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार है।
मार्केट कपलिंग लागू होने के बाद, मार्केट कपलिंग ऑपरेटर (ग्रिड इंडिया) सभी तीनों स्पॉट पावर एक्सचेंजों से बोली को एक साथ एकत्र करेगा और केंद्रीकृत प्रणाली के जरिए उनका मिलान कर एक समान मार्केट-क्लियरिंग प्राइस तय करेगा। इसके बाद सभी स्पॉट एक्सचेंज अपने-अपने ट्रेड इसी एक तय कीमत के आधार पर सेटल करेंगे।
यह तरीका एनएसई के मंथली इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के सेटलमेंट सिस्टम से मिलता-जुलता है। इसमें अंतिम सेटलमेंट प्राइस या ड्यू डेट रेट (डीडीआर) तीनों स्पॉट पावर एक्सचेंजों—पीएक्सआईएल, आईईएक्स और एचपीएक्स—की दैनिक कीमतों के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज के आधार पर तय की जाती है।
एनएसई के अनुसार, कुछ अन्य एक्सचेंज केवल साधारण औसत के आधार पर कीमत तय करते हैं, जिसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम को नजरअंदाज किया जाता है। जबकि एनएसई का डीडीआर तरीका वास्तविक ट्रेडिंग वॉल्यूम के आधार पर अधिक सटीक और भरोसेमंद कीमत तय करता है।
जुलाई 2025 में इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स शुरू होने से मार्च 2026 तक पावर एक्सचेंजों में स्पॉट बिजली की कीमतों में लगभग 14 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे सामाजिक लाभ बढ़ा है।
20 अप्रैल 2026 तक अप्रैल 2026 के लिए एनएसई का मंथली मूविंग एवरेज ड्यू डेट रेट लगभग 3,802 रुपये प्रति एमडब्ल्यूएच है, जबकि साधारण औसत के आधार पर यह कीमत लगभग 4,442 रुपये प्रति एमडब्ल्यूएच है। इस कारण दोनों फाइनेंशियल एक्सचेंजों के बीच बिजली की कीमत में करीब 600 से 700 रुपये प्रति एमडब्ल्यूएच का अंतर बना हुआ है।
एनएसई का कहना है कि यदि हर महीने लगभग 1,000 एमयू बिजली की खपत मानी जाए, तो इस अंतर की वजह से डिस्कॉम्स को हर महीने करीब 70 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। सालभर में यह प्रभाव लगभग 840 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
इस पर एनएसई के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा कि यह संशोधन पावर मार्केट में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि यदि मार्केट कपलिंग को जल्दी लागू किया जाता है, तो सभी स्पॉट और फाइनेंशियल एक्सचेंजों के लिए एक समान कीमत तय हो सकेगी, जिससे पावर सेक्टर में निवेश भी बढ़ेगा।
