Varanasi News: काशी में हर ओर श्रद्धालुओं की भीड़, 7 घंटे इंतजार के बाद हो रहे बाबा विश्वनाथ के दर्शन

वाराणसी। प्रयागराज महाकुंभ के तीन अमृत स्नान पूरे हो चुके हैं, लेकिन काशी में इसका प्रभाव अब भी बना हुआ है। श्रद्धालुओं का रुझान लगातार काशी और अयोध्या की ओर बना हुआ है। लोग प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद काशी आकर बाबा विश्वनाथ और बाबा काल भैरव के दर्शन करना नहीं भूल रहे हैं।

भीड़ का नया रिकॉर्ड, करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे काशी

अब तक करोड़ों श्रद्धालु काशी पहुंच चुके हैं, और अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संख्या और बढ़ेगी। गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट और बाबा विश्वनाथ जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। यहां 6 से 7 घंटे लाइन में लगने के बाद ही बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन मिल रहे हैं।

काशी में उमड़ी भीड़, 5 किमी तक लगी लंबी कतार

माघ पूर्णिमा के बाद भी भीड़ कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। शनिवार और रविवार को काशी में 20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जिससे गलियां, सड़कें और घाट पूरी तरह से भरे नजर आए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की है।

गंगा आरती और नौका विहार पर लगी रोक

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 26 फरवरी तक गंगा आरती स्थगित कर दी है। इसके अलावा शाम 6 बजे के बाद गंगा में नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे कई श्रद्धालु निराश होकर लौट रहे हैं।

रेलवे स्टेशनों पर भी जबरदस्त भीड़

काशी में भीड़ का दबाव रेलवे स्टेशनों पर भी दिख रहा है। मधुबनी से आए श्रद्धालु दिलीप ने बताया कि वे 24 घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक ट्रेन नहीं आई।

अयोध्या में भी भक्तों का सैलाब

काशी के साथ अयोध्या में भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। रविवार को 5 लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। हनुमान गढ़ी के बाहर 2 किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी रही।

आस्था का सैलाब जारी

श्रद्धालु बिना गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए बिना काशी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से दर्शन-पूजन की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है, जिससे सभी श्रद्धालु सकुशल दर्शन कर सकें।

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