सुलतानपुर: क्लोन ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों की ठगी का खुलासा, असम और मुंबई से 7 आरोपी गिरफ्तार

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में साइबर क्राइम थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर की जा रही बड़ी ठगी का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर एक नामी कंपनी का क्लोन ऐप बनाकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, अब तक 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हो चुका है।

पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मामले की शुरुआत शफीपुर निवासी भास्कर पांडेय की शिकायत से हुई। भास्कर पांडेय ने फेसबुक पर शेयर बाजार में अधिक मुनाफा दिलाने का विज्ञापन देखा था। ऑनलाइन ट्रेडिंग की जानकारी के लिए विवरण भरने के कुछ दिनों बाद उन्हें श्रुति असाती नाम की महिला का व्हाट्सएप कॉल आया, जिसने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा।

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ग्रुप में मौजूद व्यक्ति दौलत जैन ने खुद को टीचर/प्रोप्राइटर बताते हुए कम समय में ज्यादा मुनाफा दिलाने की स्कीम समझाई। शुरुआत में पीड़ित को मुनाफा दिखाकर विश्वास में लिया गया, जिसके बाद उनसे अलग-अलग चरणों में कुल 10,11,689.75 रुपये निवेश करा लिए गए। बाद में न तो रकम वापस मिली और न ही संपर्क संभव हो सका।

जांच में सामने आया कि ठगी के लिए मूल कंपनी का क्लोन ऐप तैयार किया गया था। भास्कर पांडेय की तहरीर पर थाना साइबर क्राइम सुलतानपुर में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी गिरोह ने अमेठी के अभिषेक सिंह से लगभग 85 लाख रुपये और लखनऊ के अपनीश सिंह से करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ठगी की थी। इन मामलों में भी संबंधित साइबर थानों में केस दर्ज हैं।

जांच के दौरान बैंक खातों की केवाईसी और ट्रांजैक्शन का विश्लेषण करने पर पता चला कि पीड़ित की रकम हनीफ एग्रो ट्रेडर्स (प्रोप्राइटर हनीफ काजी, कामरूप, असम) और शमशुद्दीन अहमद (कामरूप, असम) के खातों में ट्रांसफर की गई थी। साइबर टीम ने असम में दबिश देकर हनीफ काजी और शमशुद्दीन अहमद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने शफीकुल इस्लाम और जाकिर खान (दोनों निवासी बारपेटा, असम) के कहने पर पैसों के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। दोनों को भी गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर सुलतानपुर लाया गया है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक अन्य टीम मुंबई भेजी गई। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर मुंबई से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष सुर्वे (निवासी भिवंडी, मुंबई), विजय ईश्वर कलान्तरे (निवासी नवी मुंबई) और फरीद मलिक (निवासी मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और ठगी से जुड़े अन्य आरोपियों व नेटवर्क की तलाश की जा रही है।

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