लखीमपुर-खीरी: खुल गए दुधवा के द्वार, पहले दिन सैलानियों की रही भरमार

पलिया कलां: विश्व विख्यात दुधवा नेशनल पार्क के नए पर्यटन सत्र का आज प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार वन राज्य मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने पूजा- अर्चना करने के बाद फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर दुधवा में नए बने ऑडिटोरियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर का भी फीता काटकर उद्घाटन किया।

इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए वन मंत्री डॉ सक्सेना ने कहा कि दुधवा प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पार्क है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में पीलीभीत ,अमानगढ़ व रानी नगर अन्य राष्ट्रीय पार्क हैं। किंतु, दुधवा प्रदेश की शान है। हम कोशिश करेंगे कि इसका पर्यटन सत्र 15 जून की बजाय 30 जून तक बढ़ाया जा सके ,ताकि यहां और अधिक पर्यटक आ सकें।

यह भी पढ़े - नाबालिग गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट: फरार दरोगा पर 50 हजार का इनाम, चौकी इंचार्ज निलंबित

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष यहां करीब 42000 पर्यटक आए थे, किंतु इस बार सभी का यह प्रयास होना चाहिए कि यहां एक लाख से अधिक पर्यटक आएं। ताकि दुधवा की आमदनी बढ़ सके। इसीलिए उन्होंने नए पर्यटन सत्र में दुधवा की एंट्री फीस एवं सफारी गाड़ियों आदि का किराया कम कर दिया है। 

उन्होंने आगे कहा कि जो भी पर्यटक यहां आता है खुश होकर जाता है। यहां के बाघ, गैंडा ,बारहसिंघा, डॉल्फिन आदि देखकर लोग प्रशन्न होते हैं। उन्होंने विधायक साहनी द्वारा उठाए गए सुहेली सिल्टिंग मामले को भी गंभीरता से लेते हुए अगली बारिश से पहले सुहेली की सफाई कराने का पूरा प्रयास किए जाने की भी बात कही।

उन्होंने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि दुधवा से यहां के क्षेत्र वासियों का रोजगार बढ़े। यहां की जड़ी बूटी ,शहदआदि का भी उपयोग हो। शनिवार रविवार एवं विशेष अवसरों पर थारू कल्चरल प्रोग्राम यहां दिखाए जाएं ताकि इनकी भी आमदनी बढ़े। यहां के बाघ जंगल के बाहर न निकल सकें, इसका भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पलिया हवाई अड्डा भी शीघ्र शुरू होने की बात कही।

क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी ने पर्यटकों के लिए यहां रेट कम किए जाने पर हर्ष व्यक्त कर वन मंत्री की जहां प्रशंसा की, वही क्षेत्रीय किसानों के लिए समस्या बनी सुहेली नदी की सिल्टिंग की समस्या दूर करने के लिए एनओसी जारी करने की भी मांग रखी। उन्होंने इस कार्य के लिए बजट की कोई समस्या न आने देने का भी आश्वासन दिया।

अपर मुख्य वन सचिव मनोज सिंह ने इस मौके पर कहा कि इस बार दुधवा आने वाले पर्यटक कुछ और अधिक अच्छा महसूस करेंगे, क्योंकि दुधवा को इसबार नया लुक प्रदान किया गया है। सभी की कोशिश है कि दुधवा में टूरिज्म बढ़े, इको विकास समितियां मजबूत हों। यहां का एरोड्रम भी शीघ्र बनकर तैयार हो, ऐसा प्रयास चल रहा है। इसके अतिरिक्त वन विभाग अध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ अंजनी कुमार आचार्य ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

 दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने आए हुए सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर रंगा राजू टी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए। कार्यक्रम से पूर्व आदिवासी थारू जनजाति ग्राम बलेरा के लोगों ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया।

वन मंत्री ने इको विकास समिति के कई अध्यक्षों को इस मौके पर सम्मानित भी किया। हवन- पूजन पंडित महेश प्रसाद जोशी एवं आचार्य मोनू पंडित ने कराया। इस अवसर पर नगर पालिका पलिया अध्यक्ष के बी गुप्ता सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक व दुधवा पार्क अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

145 सैलानियों ने देखा दुधवा जंगल का नजारा
दुधवा में पर्यटन सत्र के प्रथम दिवस करीब 145 सैलानी यहां के जंगल एवं दुर्लभ वन्य जीव -जंतु देखने के लिए पहुंचे। जिनमें से दुधवा में 114 और किशनपुर वन्य जीव विहार में 31 पर्यटकों की आमद डीटीआर प्रशासन ने बताई है। जबकि प्रथम पाली में किसी भी पर्यटक से दुधवा भ्रमण का कोई भी शुल्क नहीं लिया गया। इस अवसर पर लखनऊ ,बरेली, कानपुर ,लखीमपुर, गोला, पलिया से आने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक रही। लखनऊ से आए शुभ चंद्र जैन, रितेश कुमार,अरहम जैन, क्षमा जैन, सोनिया पटेल आदि प्रमुख रहे।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.