कानपुर किडनी कांड : 35-40 हजार कमीशन लेने वाले दो ओटी टेक्नीशियन गिरफ्तार, कई अस्पताल जांच के घेरे में

कानपुर : अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हापुड़ और नोएडा के दो ओटी टेक्नीशियन को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी शहर से भागने की फिराक में थे, तभी कल्याणपुर के पास पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह और राजेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों हर अवैध ट्रांसप्लांट के एवज में 35 से 40 हजार रुपये कमीशन लेते थे। ऑपरेशन के दौरान इनकी भूमिका डॉक्टरों को सर्जरी उपकरण और दवाएं उपलब्ध कराना थी। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी फ्लाइट से कानपुर आते थे और मुख्य आरोपी डॉक्टरों की टीम के साथ ऑपरेशन में शामिल होते थे।

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जांच में आहूजा, प्रिया और मेड लाइफ हॉस्पिटल के अलावा कई अन्य बड़े अस्पतालों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस फिलहाल अस्पतालों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रही है, लेकिन वहां के स्टाफ से पूछताछ और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक रैकेट बेहद सावधानी से चलाया जाता था। ऑपरेशन के दौरान सीमित स्टाफ को ही ओटी के पास जाने की अनुमति होती थी।

मामले में डोनर आयुष का बयान भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बना है। उसने पूछताछ में आर्थिक तंगी और फीस की मजबूरी का हवाला देते हुए बताया कि वह गिरोह के संपर्क में आया और किडनी डोनेट कर दी। पुलिस अब फरार डॉक्टरों और अन्य आरोपियों की तलाश में कई शहरों में दबिश दे रही है।

इधर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए आहूजा और प्रिया हॉस्पिटल के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और तीन दिन के भीतर अस्पताल खाली करने का नोटिस जारी किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे रैकेट के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

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