जौनपुर में निजी स्कूलों की मनमानी के विरोध में शिवसेना का ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

जौनपुर। जिले में निजी स्कूलों द्वारा कथित रूप से मनमानी फीस वसूली और महंगी किताबों की अनिवार्य बिक्री के विरोध में शिवसेना ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

पार्टी के जिला प्रभारी विकास कुमार पांडेय के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई निजी शिक्षण संस्थान जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

यह भी पढ़े - बलिया में ‘भृगु काशी’ की परिकल्पना साकार, श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में बह रही अध्यात्म की अविरल धारा

शिवसेना ने आरोप लगाया कि कई स्कूल निर्धारित फीस संरचना का उल्लंघन कर रहे हैं और अभिभावकों को महंगी पुस्तकें तथा स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इसके अलावा विकास शुल्क, स्मार्ट क्लास शुल्क और अन्य अतिरिक्त मदों के नाम पर भी अधिक धनराशि वसूले जाने का आरोप लगाया गया है।

जिला प्रभारी विकास कुमार पांडेय ने कहा कि निजी स्कूलों की इस कथित मनमानी का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती फीस और अतिरिक्त शुल्कों के कारण कई अभिभावकों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा है, जिससे शिक्षा के अधिकार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि निजी स्कूलों के लिए निर्धारित फीस संरचना और पुस्तक मूल्य को सख्ती से लागू कराया जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

शिवसेना ने जिला स्तर पर एक निगरानी समिति गठित कर निजी स्कूलों के नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करने की भी मांग की है, ताकि अभिभावकों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाई जा सके।

खबरें और भी हैं

Copyright (c) Parakh Khabar All Rights Reserved.