गाजीपुर में 67 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

गाजीपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गाजीपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का नेटवर्क देशभर में फैला था और अब तक करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े तार सामने आए हैं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन अप्रैल को लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहे से तीनों आरोपियों को दबोचा। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम में दर्ज मुकदमा संख्या 11/2026 के तहत की गई।

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जांच में सामने आया कि गिरोह जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी ‘म्यूल’ बैंक खाते खुलवाता था। इसके लिए आधार, पैन कार्ड और फोटो लेकर एमएसएमई प्रमाणपत्र तथा जीएसटी नंबर के जरिए करंट अकाउंट खोले जाते थे। बाद में इन खातों की यूजर आईडी, पासवर्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल और ईमेल की जानकारी टेलीग्राम के माध्यम से गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी एपीके फाइल इंस्टॉल कराकर ओटीपी और बैंक मैसेज भी अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद ठगी की रकम को क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांसफर किया जाता था। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के पास 700 से अधिक म्यूल खाते थे।

आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में एनसीआरपी पोर्टल पर देश के विभिन्न राज्यों से 75 से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का उल्लेख है। पूछताछ में दो आरोपियों ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से कमाई की बात स्वीकार की है।

पुलिस ने बताया कि गिरोह ने करीब दो दर्जन खातों के जरिए लेन-देन किया है। पूरे नेटवर्क का गहन विश्लेषण किया जा रहा है और इस संबंध में साइबर मुख्यालय लखनऊ तथा गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही जनता से अपील की गई है कि किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते, दस्तावेज या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।

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