सहारनपुर : पापुलर और बेमौसम बारिश से गन्ने की पैदावार प्रभावित, 15-20% तक गिरावट

सहारनपुर : पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख नगदी फसल गन्ना इस वर्ष बेमौसम अधिक बारिश और पापुलर के साथ मिश्रित खेती के कारण प्रतिकूल असर झेल रही है। सहारनपुर मंडल में गन्ने की पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कई क्षेत्रों में इसका असर और अधिक देखने को मिला है।

गन्ना उपायुक्त ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि बाजार में पिछले दो-तीन वर्षों में पापुलर के दाम 1000 रुपये से बढ़कर 1500-1700 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचने से किसानों का रुझान तेजी से पापुलर की खेती की ओर बढ़ा है। वर्तमान में करीब 30 से 35 प्रतिशत क्षेत्रफल में किसान गन्ना और पापुलर की एक साथ खेती कर रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में जुलाई-अगस्त के दौरान रिकॉर्ड 1982 मिमी बारिश हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1062 मिमी बारिश हुई थी। अधिक वर्षा के कारण गन्ने की पेड़ी में सामान्य 5-6 कल्लों की जगह केवल 2-3 कल्ले ही फूट पाए, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ।

पापुलर के बड़े हो चुके पेड़ों की छाया और पत्तियों से भी गन्ने की वृद्धि पर असर पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, पापुलर की पत्तियों में लगने वाले कीड़े और टूटकर गिरने वाली पत्तियां गन्ने की जड़ों और पत्तियों को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिससे फसल की बढ़वार रुक रही है।

इसके अलावा, हाईवे निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण भी गन्ने के क्षेत्रफल में कमी का एक बड़ा कारण बना है। सहारनपुर मंडल में इस बार अब तक करीब 14 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है, जो सीजन खत्म होने तक अधिकतम 15 करोड़ क्विंटल तक पहुंचने का अनुमान है।

हालांकि उत्पादन में गिरावट के बावजूद गन्ने की चीनी रिकवरी में 0.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले सीजन में रिकवरी 10.10 प्रतिशत थी, जो इस बार बढ़कर 10.75 प्रतिशत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे चीनी उत्पादन में उतनी बड़ी गिरावट नहीं आएगी, जितनी गन्ने की पैदावार में दिख रही 

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