Bareilly News: पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, वीडियो में बयां किया दर्द

Bareilly News: "मुझे उम्मीद थी कि जिंदगी सुधरेगी... लेकिन सब बर्बाद हो गया।" यह दर्दभरी आवाज़ भोजीपुरा के महेशपुर ठाकुरान गांव के सुरेंद्र सिंह की थी, जिसने अपनी पत्नी और उसके परिवार की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले सुरेंद्र ने 6 मिनट 50 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें अपने साथ हुई मानसिक और शारीरिक यातनाओं को बयां किया। यह वीडियो उन्होंने अपने एक रिश्तेदार को भेजा, जिसने तुरंत उनके परिवार को इसकी सूचना दी।

वीडियो में किया पत्नी और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप

सुरेंद्र ने अपने वीडियो मैसेज में कहा कि उनकी शादी 2020 में हुई थी और उन्हें उम्मीद थी कि उनकी जिंदगी बेहतर होगी, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद उनकी उम्मीदें चकनाचूर हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के किसी और के साथ संबंध थे और सास भी इसे स्वीकार करती थी।

सुरेंद्र ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी अपनी मां की शह पर 15 दिन ससुराल और 15 दिन मायके में रहने की जिद करती थी, जो पारिवारिक जीवन और विवाह की जिम्मेदारियों के विपरीत था।

"झूठे मुकदमों में फंसाकर बना दिया जिंदगी को नर्क"

सुरेंद्र ने पत्नी, सास और उसके मुंहबोले बहनोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

  • पत्नी के प्रेमी ने कई बार उनकी पिटाई की।
  • 15-20 लाख रुपये देने का दबाव डाला गया, ताकि वह इस समस्या से बाहर निकल सकें।
  • धमकियों और पुलिस की बेरुखी ने उनकी हिम्मत तोड़ दी।

उन्होंने कहा कि एक पुरुष होने के कारण उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया, और कानून से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

"मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं"

वीडियो के अंत में सुरेंद्र ने अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश छोड़ा। उन्होंने कहा, "मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं। मेरी सरकार से गुजारिश है कि मेरे जाने के बाद मेरे माता-पिता को कोई परेशान न करे।"

पुलिस ने पत्नी समेत तीन के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट

घटना के बाद सुरेंद्र के परिवार ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सुरेंद्र की पत्नी, सास और उसके बहनोई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सवाल जो खड़े हो रहे हैं...

  • क्या कानून और समाज पुरुषों की पीड़ा को नजरअंदाज कर रहा है?
  • झूठे मुकदमों में फंसाए जाने से पुरुषों की सुरक्षा के लिए क्या कड़े कानून नहीं होने चाहिए?
  • क्या आत्महत्या करने से पहले सुरेंद्र को न्याय मिल सकता था?

सुरेंद्र की आत्महत्या न सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह समाज और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाएगा?

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