बच्चों के व्यक्तित्व विकास का बेहतर माध्यम है समर कैम्प : डॉ. अमरेन्द्र

बलिया : बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए समर कैम्प सबसे अच्छा माध्यम है। समर कैम्प बच्चों को खेल-खेल में सीखने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करता है। यह बातें जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्सयायन ने संकल्प संस्था द्वारा आयोजित समर कैम्प के उद्घाटन अवसर पर कही।

उन्होंने कहा कि मनोविज्ञान भी यह बताता है कि जो व्यक्ति कला के किसी माध्यम से जुड़ा होता है, वह अधिक संवेदनशील और मानवीय बनता है। कला से जुड़ाव व्यक्ति के भीतर सकारात्मक सोच विकसित करता है और हिंसात्मक प्रवृत्तियों को दूर करता है। उन्होंने संकल्प संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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विशिष्ट अतिथि डॉ. रितेश सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाई के साथ किसी न किसी कला से जोड़ना बेहद जरूरी है। इससे न केवल उनका व्यक्तित्व विकसित होता है, बल्कि वे मानसिक रूप से भी मजबूत बनते हैं।

समर कैम्प के संयोजक एवं संकल्प संस्था के सचिव वरिष्ठ रंगकर्मी आशीष त्रिवेदी ने बताया कि संस्था पिछले 16 वर्षों से गर्मी की छुट्टियों में समर कैम्प आयोजित कर रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में कला की बारीकियां सिखाना और उनके व्यक्तित्व को निखारना है। उन्होंने बताया कि कैम्प में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा तथा समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का मौका भी मिलेगा।

20 मई से 20 जून तक चलने वाले इस समर कैम्प में 6 से 16 वर्ष तक के बच्चे प्रतिभाग कर सकते हैं। इस वर्ष कैम्प का आयोजन संकल्प के अमृतपाली स्थित कैम्प कार्यालय में किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में पत्रकार अशोक जी, डॉ. अखिलेश सिन्हा, डॉ. कादम्बिनी सिंह, डॉ. राजेन्द्र भारती, ट्विंकल गुप्ता, राहुल चौरसिया, तुषार पांडे, रितिक गुप्ता, रिया वर्मा, भाग्यलक्ष्मी प्रियांशु, प्रकृति, संस्कृति सहित बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक उपस्थित रहे।

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