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48 घंटे में खुली लूटकांड की परतें, सगी भाभी निकली मास्टरमाइंड; मायके वालों संग रची थी साजिश
बलिया : खेजुरी थाना क्षेत्र में 6 जून को हुई कथित लूट की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह वारदात किसी बाहरी बदमाश गिरोह ने नहीं, बल्कि घर की ही एक महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते अपने मायके वालों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लूटे गए सभी जेवर व नगदी बरामद कर लिए हैं।
घटना के संबंध में 6 जून को खेजुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि कुछ नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए और महिलाओं को डरा-धमकाकर नगदी व जेवरात लूट ले गए। घटना के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन टीमों का गठन किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच आगे बढ़ने पर शक घर के अंदर के लोगों पर गया। पूछताछ में वादी की भाभी अमीना खातून ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के अनुसार अमीना खातून ने बताया कि पारिवारिक कलह और विवाद के कारण उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर फर्जी लूट की पूरी साजिश रची थी।
सोमवार को पुलिस ने अमीना खातून पत्नी अली अहमद निवासी खड़सरा, थाना खेजुरी तथा उसके भाई शमीम पुत्र सगीर निवासी उत्तर टोला, कस्बा रेवती को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया।
बरामद सामान में एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, लॉकेट, हुक, एक टूटा हुआ की-पैड मोबाइल फोन तथा 7 हजार रुपये नकद शामिल हैं।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है।
पुलिस के अनुसार घटना में शामिल तीसरा आरोपी इरशाद, जो अमीना का दूसरा भाई है, अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस सफल खुलासे में सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ यादव, स्वाट टीम प्रभारी उप निरीक्षक अजय साहनी, थानाध्यक्ष खेजुरी लालमणि सरोज, उप निरीक्षक संदीप कुमार यादव, राहुल कुमार यादव तथा स्वाट और सर्विलांस टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
