बलिया: शिक्षक नेता ने बजट को मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए निराशाजनक बताया

बलिया। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन बलिया के जिलाध्यक्ष डॉ. घनश्याम चौबे ने केंद्रीय बजट 2026-27 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार झेल रहे मध्यम आय वर्ग को टैक्स स्लैब में बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे इस वर्ग को गहरी निराशा हाथ लगी है।

डॉ. चौबे ने कहा कि मध्यम वर्ग को कोई प्रत्यक्ष राहत न मिलने का असर बाजार की तरलता पर भी पड़ेगा। टैक्स में छूट न मिलने से उपभोक्ता खर्च घटेगा, जिसका सीधा प्रभाव बाजार पर दिखाई देगा।

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उन्होंने कहा कि बजट में दीर्घकालिक विकास के सपने तो दिखाए गए हैं, लेकिन वर्तमान आर्थिक चुनौतियों, खासकर महंगाई से तत्काल राहत के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। इससे आम नागरिकों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

शिक्षक नेता ने आरोप लगाया कि इस बजट में संगठित और असंगठित दोनों ही क्षेत्रों के कामगारों के कल्याण के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे श्रमिक वर्ग में असंतोष का माहौल है। उन्होंने कहा कि बजट में योजनाओं को केवल आंकड़ों के रूप में पेश किया गया है, जबकि रोजगार सृजन को लेकर स्पष्ट दिशा का अभाव है।

डॉ. घनश्याम चौबे ने कहा कि यह बजट नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी निराशाजनक है। साथ ही महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए ठोस कदम न उठाए जाने से यह बजट आधी आबादी के लिए भी हतोत्साहित करने वाला साबित हुआ है।

उन्होंने कहा कि समग्र आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह बजट न तो समावेशी विकास को बढ़ावा देता है और न ही नागरिकों की तत्काल जरूरतों और चिंताओं का समाधान करता है।

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