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Budget 2026-27: एसटीटी बढ़ोतरी के ऐलान से शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 2,300 अंक टूटा, निफ्टी 600 अंक लुढ़का
मुंबई। केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने के ऐलान के बाद घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। बजट के दिन कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने उच्च स्तर से 2,300 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी में 600 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
रविवार को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रही। सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी हल्की गिरावट में रहा। हालांकि बजट घोषणाओं के बाद बिकवाली तेज हो गई। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी (करीब 92 रुपये प्रति डॉलर) ने भी बाजार की धारणा पर असर डाला। ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निफ्टी मेटल इंडेक्स में सबसे ज्यादा, तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में सीमित बढ़त देखने को मिली।
निफ्टी के चुनिंदा गेनर्स में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर शामिल रहा। बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए अधिक आवंटन की उम्मीदों के चलते इस शेयर में खरीदारी देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक बजट से आयकर में बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन पहले ही 2025 में टैक्स कटौती किए जाने के चलते इस बार कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ। टैक्स सिस्टम में सीमित बदलाव और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित उपायों को सकारात्मक माना गया, लेकिन ये शुरुआती बिकवाली को थामने में नाकाम रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले सत्रों में रक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है। साथ ही पीएसयू बैंकों, विनिवेश और पूंजीगत व्यय से जुड़े संकेतों पर भी बाजार की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जो बजट से जुड़े संकेतों और राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का करीब 4.3 से 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक सरकार की उधारी, कर्ज प्रबंधन और आगे की आर्थिक रणनीति को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
कांग्रेस का हमला
इस बीच कांग्रेस ने बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि “खोखले वादों वाले बजट” के कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। पार्टी ने कहा कि एसटीटी बढ़ाने के फैसले से निवेशकों की लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा।
