स्वस्थ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला संवेदनशील और जनहितैषी बजट: आनंद सिंह

बलिया। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को दवा उद्योग, अनुसंधान, नवाचार और रोगी हितों को केंद्र में रखने वाला दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताया गया है। इस बजट में की गई घोषणाएं न केवल भारत को वैश्विक फार्मा हब के रूप में मजबूत करेंगी, बल्कि आम मरीजों तक सस्ती, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेंगी।

बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (बीसीडीए) के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि बीसीडीए के राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे और महासचिव राजीव सिंघल ने इस बजट के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों में उपयोग होने वाली 36 जीवन रक्षक दवाओं को मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूर्ण छूट देने का प्रस्ताव अत्यंत संवेदनशील और मानवीय निर्णय है, जिससे इन दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आएगी और इलाज आम लोगों के लिए अधिक सुलभ होगा।

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उन्होंने बताया कि रोगी सहायता कार्यक्रमों के तहत 37 नई दवाओं और 13 नए कार्यक्रमों को शामिल किया जाना यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता में रोगी कल्याण सर्वोपरि है। बजट में आयुर्वेद और बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को विशेष प्रोत्साहन देते हुए तीन समर्पित आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना और आयुर्वेदिक दवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षण प्रयोगशालाओं के निर्माण की घोषणा की गई है।

आनंद सिंह ने कहा कि ‘बायोफार्मा शक्ति’ (Biopharma SHAKTI) जैसे पांच वर्षीय कार्यक्रम और 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के माध्यम से अगले पांच वर्षों में एक लाख विशेषज्ञ हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भारत में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर उत्पादन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित होगा और देश को वैश्विक बायो-फार्मा एवं पारंपरिक औषधि उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।

फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में तीन नए एनआईपीईआर (NIPER) की स्थापना तथा सात मौजूदा संस्थानों के उन्नयन के प्रस्ताव को उन्होंने कुशल मानव संसाधन और गुणवत्ता आधारित अनुसंधान को नई गति देने वाला कदम बताया। इसके साथ ही 1,000 से अधिक मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइटों के राष्ट्रीय नेटवर्क की घोषणा से नवाचार आधारित अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक क्लिनिकल रिसर्च के क्षेत्र में और मजबूत स्थिति में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि दवा खोज और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर भारत को नवाचार आधारित फार्मा अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला निर्णायक कदम है। एआईओसीडी की ओर से उन्होंने इस संतुलित, दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट के लिए वित्त मंत्री और केंद्र सरकार का अभिनंदन किया।

बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को अभूतपूर्व मजबूती मिली है। कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त कर इलाज को सस्ता और सुलभ बनाया गया है। यह फैसला गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला और संवेदनशील तथा जनहितैषी सोच का स्पष्ट परिचायक है।

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