अयोध्या: शिक्षक नेता को 'नकल माफिया' व शिक्षकों को बताया 'गुंडा', डीआईओएस ऑफिस के वरिष्ठ सहायक ने जान का खतरा बताते हुए दी तहरीर

अयोध्या। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में सोमवार को हुए घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया है। वरिष्ठ सहायक और बोर्ड परीक्षा प्रभारी प्रदीप कुमार ने जानमाल का खतरा बताते हुए एफआईआर के लिए तहरीर दी है। इतना ही नहीं तहरीर में पीड़ित वरिष्ठ सहायक ने एक शिक्षक नेता को नकल माफिया और धमकी देने वाले शिक्षकों को गुंडा बताया है।

जिला विद्यालय निरीक्षक और संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजे पत्र में वरिष्ठ सहायक ने सोमवार के पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है। आरोप है कि पूर्व शिक्षक राकेश पाण्डेय के साथ कुछ गुण्डे कई दिनों से परीक्षा केन्द्रों पर जो केन्द्र व्यवस्थापक तथा अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापक लगे है उनको हटा कर उनके अनुसार लगाने का दबाव बना रहे थे। 

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विभागीय नियमों का हवाला देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय से मिलकर अपनी बात करने को कहा गया। आरोप है कि सोमवार को शिक्षक आलोक तिवारी तथा रामानुज तिवारी कई विद्यालयों के कक्ष निरीक्षक बदलने के लिए दबाव बना रहे थे। नकल माफिया के दबाव में काम न करने से क्षुब्ध होकर कार्यालय में 20-30 की संख्या में आकर जान से मारने की धमकी, लाठी से मारने का प्रयास किया। 

आरोप है कि बोर्ड परीक्षा 2024 से सम्बन्धित अभिलेखों को बाबू से छीन कर फाड़ने लगे तथा परीक्षा कक्ष को अन्दर से बन्द करके आग लगाने के प्रयाग किया। वरिष्ठ सहायक का आरोप है कि जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। 

दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने लिखा है कि इनके द्वारा प्रार्थी को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बोर्ड परीक्षा सम्बन्धी कार्यों में यदि व्यवधान उत्पन्न होता है तो उसके लिए प्रार्थी उत्तरदायी नहीं होगा। लिखा है भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए एकमेव राकेश पाण्डेय शिक्षा माफिया - नकल माफिया जिम्मेदार होगें।

कोट - तहरीर की जानकारी नहीं है, मै बाहर था, दिखवा लेता हूं, यदि तहरीर मिली होगी तो नियमानुसार जांच कर केस दर्ज किया जाएगा..,अश्वनी पांडेय, नगर कोतवाल।

संबधित वरिष्ठ सहायक के विरुद्ध सोमवार को ही जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक, संयुक्त शिक्षा निदेशक से शिकायत दर्ज करा दी गई है। शिक्षकों को माफिया और गुंडा बताने वाला लिपिक स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त है। इसके विरोध संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा जांच कराई गई थी जिसमें जांच अधिकारी एडी बेसिक थे। जांच में गबन और अनुशासनहीनता में दोषी पाया गया है। विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत के कारण अभी तक निलंबित नहीं किया गया है। सोमवार को उन्होंने ही अभद्रता की और धमकी दी...,राकेश पांडेय, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ।

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