बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच ‘बुंदेली बावरा’ में नारी शक्ति का परचम, टीकमगढ़ की सविता राज बनीं विजेता

छतरपुर, जनवरी 2026। लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच ‘बुंदेली बावरा’ का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में भव्य रूप से संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने तीनों शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया।

टीकमगढ़ की सविता राज विजेता रहीं, पन्ना की सेजल सोनी उपविजेता बनीं और बांदा की ज्योति पटेल ने तृतीय स्थान हासिल किया।

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पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़ प्राप्त हुईं। छह जिलों में हुए ऑडिशन राउंड और कड़े चयन के बाद पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। जजों के गहन मूल्यांकन में सुर, साधना और परंपरा की सशक्त प्रस्तुति के दम पर सविता राज ने खिताब अपने नाम किया। विजेता को 50 हजार रुपये मूल्य के पुरस्कार (नकद, गिफ्ट हैंपर्स, ब्रांडिंग) के साथ प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

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मुख्य अतिथि छतरपुर विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। यह मंच साबित करता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।”

विजेता सविता राज ने भावुक होकर कहा, “यह जीत बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है जो लोकगीतों को अपनी सांसों में बसाए हुए है। यह सम्मान मैं अपनी मिट्टी को समर्पित करती हूँ।”

उपविजेता सेजल सोनी और तृतीय स्थान प्राप्त ज्योति पटेल ने भी बुंदेली लोकसंस्कृति को सम्मान दिलाने के लिए चैनल के प्रति आभार जताया।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, “मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने वाला हर कलाकार सम्मान का हकदार है।”

चैनल हेड आसिफ पटेल ने जोड़ा, “‘बुंदेली बावरा’ सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है।”

प्रतियोगिता का निष्पक्ष मूल्यांकन यूट्यूबर अंकित पांडे, जयप्रकाश पठैरिया (प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे) और रोहित सिंह चंदेल ने किया। मंच संचालन शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह ने किया। चौथा स्थान ललितपुर के अंकित परिहार और पाँचवां स्थान सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी को मिला।

इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार संगत दी—बैंजो (आशीष विश्वकर्मा), कीबोर्ड (रूपेश श्रीवास्तव), ढोलक (धीरज तूफानी) और ऑक्टापैड (मयंक विश्वकर्मा)। साउंड-लाइट अमित नामदेव ने संभाली। वैन्यू पार्टनर अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर द रुद्राक्ष होटल व राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत और सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम रहे।

बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि से शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा झांसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर के ऑडिशन राउंड से गुजरते हुए ग्रैंड फिनाले तक पहुँची। दर्शकों के उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने साफ कर दिया कि ‘बुंदेली बावरा’ लोगों के दिलों से जुड़ चुका है—और इसका अगला संस्करण और भी व्यापक व यादगार होने की उम्मीद है।

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