TET को लेकर बड़ी खबर: शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों से मांगी रिपोर्ट, 16 जनवरी तक देनी होगी जानकारी

नई दिल्ली। 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मंत्रालय ने 31 दिसंबर को राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि 16 जनवरी 2026 तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित शिक्षकों की संख्या सहित पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से यह भी पूछा है कि 1 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उनके यहां कितने शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और इस फैसले का राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है।

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शिक्षा मंत्रालय के पत्र का हिंदी अनुवाद (मुख्य बिंदु)

पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 01.09.2025 के निर्णय के अनुसार—

जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष से कम समय शेष है, वे टीईटी पास किए बिना सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा जारी रख सकते हैं, हालांकि पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य होगी।

आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त ऐसे शिक्षक, जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय बचा है, उन्हें सेवा जारी रखने की तारीख से दो वर्ष के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।

तय समय सीमा में टीईटी पास न करने पर ऐसे शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है, हालांकि उन्हें उनके टर्मिनल लाभ प्रदान किए जाएंगे।

नियुक्ति और पदोन्नति के इच्छुक सभी शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने 17.11.2025 के आदेश में भी इस निर्णय को दोहराया है।

पत्र में यह भी उल्लेख है कि मंत्रालय को व्यक्तिगत शिक्षकों, शिक्षक संगठनों और सांसदों से बड़ी संख्या में अभ्यावेदन मिले हैं। इनमें कहा गया है कि करियर के अंतिम चरण में पहुंचे शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना कठिन और मानसिक रूप से पीड़ादायक हो सकता है। साथ ही, इससे उनकी दशकों की सेवा से अर्जित आर्थिक सुरक्षा प्रभावित होने और अनुभवी शिक्षकों के बाहर होने से शिक्षा व्यवस्था में रिक्तता पैदा होने की आशंका जताई गई है।

राज्यों से क्या मांगा गया है?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित शिक्षकों की सटीक संख्या

संलग्न प्रारूप में सत्यापित और प्रमाणिक डेटा

फैसले के राज्य पर प्रभाव और प्रभावित शिक्षकों को राहत देने के संभावित विकल्पों पर टिप्पणी

सक्षम प्राधिकारी से कानूनी राय

मंत्रालय ने यह भी याद दिलाया है कि भर्ती नियमों (RRs) को एनसीटीई के न्यूनतम मानकों के अनुरूप अद्यतन करने संबंधी 24 मार्च 2025 के पत्र पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

नोट: मांगी गई सभी सूचनाएं और टिप्पणियां 16 जनवरी 2026 तक शिक्षा मंत्रालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

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