महज 12 साल की उम्र में आरवी खंडेलवाल ने अमेरिका में रचा इतिहास, गूगल भी हुआ प्रभावित

बारां : मूल रूप से अंता कस्बे की रहने वाली महज 12 वर्षीय आरवी खंडेलवाल ने अमेरिका में बड़ी उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के चलते आरवी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

वर्तमान में अमेरिका के शार्लोट शहर में रह रहे अंता निवासी उमेश खंडेलवाल, जो वेल्स फ़ार्गो बैंक में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं, उनकी बेटी आरवी बीते तीन वर्षों से प्रतिष्ठित वैश्विक मंच Technovation से जुड़ी हुई हैं। इसी मंच के माध्यम से आरवी ने एक एआई आधारित ‘प्राकृतिक आपदा रेस्क्यू असिस्टेंट’ विकसित किया है।

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यह असिस्टेंट भूकंप, बाढ़, जंगल की आग और महामारी जैसी आपात स्थितियों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए व्यक्तिगत आपातकालीन योजना प्रदान करता है। इस प्रोजेक्ट ने उत्तरी अमेरिका स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

आरवी की इस उपलब्धि को Google ने भी सराहा है। गूगल ने उनकी टेक्नोवेशन यात्रा को फीचर किया, जिससे प्रभावित होकर कंपनी की टीम शार्लोट स्थित उनके घर पहुंची और उनकी प्रेरणादायक कहानी को रिकॉर्ड किया। यह पल न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय बन गया।

अंतरराष्ट्रीय पॉडकास्ट में भी मिली पहचान

आरवी को हाल ही में प्रसिद्ध पॉडकास्ट ‘Where the Internet Lives’ के एपिसोड ‘Coding the Future’ में शामिल किया गया। इस दौरान उन्होंने अपनी कोडिंग यात्रा, टेक्नोवेशन और एआई के जरिए विकसित किए गए ऐप्स के बारे में विस्तार से चर्चा की। यह एपिसोड Spotify और Apple Podcasts पर उपलब्ध है।

परिवार में खुशी, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

आरवी के माता-पिता ने कहा, “हमें अपनी बेटी पर बेहद गर्व है। उसने साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी बच्चा वैश्विक मंच पर पहचान बना सकता है।”

आरवी की यह सफलता प्रदेश की बेटियों और युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। भविष्य में उनसे और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद जताई जा रही है।

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