AIMA प्लेटिनम जुबली में करण अदाणी बोले— गवर्नेंस, ग्रोथ और डिफेंस पर मजबूत कर रहा है फोकस अदाणी ग्रुप

नई दिल्ली, फरवरी 2026 : अदाणी ग्रुप अपने तेज़ी से हो रहे विस्तार के साथ राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस इकोसिस्टम और आंतरिक गवर्नेंस को और सशक्त करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। यह बात अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) की प्लेटिनम जुबली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कही।

कार्यक्रम के दौरान करण अदाणी ने कहा कि समूह का निवेश तीन प्रमुख स्तंभों—ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और भारत के विकास के लिए आवश्यक कोर मैटीरियल्स—पर आधारित है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन नेटवर्क और डेटा सेंटर्स जैसे डिजिटल एसेट्स लंबे समय तक ग्रुप की प्राथमिकता बने रहेंगे।

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डिफेंस सेक्टर पर बोलते हुए उन्होंने आत्मनिर्भरता को भारत की रणनीतिक आवश्यकता बताया। उन्होंने ब्राज़ील की एंब्रायर कंपनी के साथ हालिया साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) क्षमताओं को मजबूती मिलेगी और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ा जा सकेगा।

संगठनात्मक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए करण अदाणी ने स्वीकार किया कि तेज़ विस्तार के कारण मैनेजमेंट में कई स्तर बन गए हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया धीमी हुई है। उन्होंने कहा कि अब संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाकर गति और स्केलेबिलिटी बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि समूह अपने कर्मचारियों की औसत उम्र, जो वर्तमान में 38 वर्ष है, को कम करने की दिशा में प्रयास कर रहा है ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाया जा सके। साथ ही उन्होंने हाल ही में घोषित 100 बिलियन डॉलर (करीब 9 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की जानकारी दी, जिसके तहत 2035 तक रिन्यूएबल एनर्जी आधारित AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

करण अदाणी ने कहा कि समूह में महिला कर्मचारियों की भागीदारी 2 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है, जबकि करीब 80 प्रतिशत लीडरशिप ग्रुप के भीतर से ही विकसित हुई है। उन्होंने बताया कि पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, सीमेंट और माइनिंग जैसे विभिन्न व्यवसायों में कर्मचारियों को क्रॉस-सेक्टर अनुभव दिया जा रहा है।

गवर्नेंस, रेगुलेटरी जांच और मीडिया कवरेज से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि कठिन दौर में मजबूत ऑपरेशनल क्षमता और पारदर्शी संवाद सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में सही नैरेटिव प्रस्तुत करना अब बेहद आवश्यक हो गया है।

सस्टेनेबिलिटी पर बोलते हुए उन्होंने इस धारणा को खारिज किया कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास मुनाफे के खिलाफ होते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पोर्ट ऑपरेशंस में डीज़ल ट्रकों को ग्रीन फ्यूल आधारित विकल्पों से बदला जा रहा है।

इसके अलावा करण अदाणी ने भारत में फॉर्मूला-1 (F1) रेसिंग की वापसी में भी रुचि दिखाई। ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि F1 की वापसी होती है, तो उसका उद्देश्य वैश्विक स्तर का बेंचमार्क स्थापित करना होगा।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर जमीनी स्तर पर काम करने के अनुभव ने उनकी सोच और नेतृत्व शैली को गहराई से प्रभावित किया। यह संवाद हीरो एंटरप्राइज के चेयरमैन एवं AIMA के पूर्व अध्यक्ष सुनील कांत मुंजाल के साथ हुआ।

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