टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में बलिया में शिक्षक संगठनों ने आंदोलन का ऐलान

बलिया। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में बलिया के शिक्षक संगठनों ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर दुबहर, बेलहरी, बैरिया और मुरलीछपरा ब्लॉकों में बैठकें आयोजित कर आंदोलन की रणनीति तय की गई।

बैठकों का नेतृत्व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, जिला मंत्री डॉ. राजेश पाण्डेय और उपाध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसके खिलाफ संगठित और निर्णायक संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।

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वक्ताओं ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता शिक्षकों के हितों के विपरीत है और इसे ‘काला कानून’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस नियम के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में प्रांतीय नेतृत्व द्वारा तय कार्यक्रमों को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 22 फरवरी को दोपहर दो बजे से चार बजे तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे। वहीं 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग का ज्ञापन सौंपा जाएगा।

शिक्षक नेताओं ने आंदोलन की आगामी रणनीति और जनजागरूकता कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध संघर्ष कार्यक्रमों के माध्यम से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बैठकों में दुबहर, बेलहरी, बैरिया और मुरलीछपरा ब्लॉकों के शिक्षक संघों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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