‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ बना बदलाव का कारवाँ, दो संस्करणों के विजेता होंगे एक मंच पर

इंदौर, 28 मई 2026। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों को सम्मानित करने वाली पहल ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अब सिर्फ एक पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि बदलावकर्ताओं का एक मजबूत कारवाँ बनती जा रही है। ‘2030_का_भारत’ द्वारा आयोजित इस पहल के तहत 30 मई 2026 को सुबह 11 बजे एक विशेष वर्चुअल गेट-टुगेदर आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहले और दूसरे संस्करण के सभी विजेता एक साथ जुड़ेंगे।

इस ऑनलाइन आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से वे समाजसेवी शामिल होंगे, जिन्होंने शिक्षा, सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर समाज में उम्मीद की नई रोशनी जगाई है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विजेताओं को जोड़ना नहीं, बल्कि समाजसेवा की भावना को और अधिक लोगों तक पहुँचाना भी है।

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‘2030_का_भारत’ के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि समाज के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम अक्सर वही लोग करते हैं, जिनके बारे में दुनिया बहुत कम जानती है। उन्होंने कहा कि यह पहल ऐसे लोगों को सामने लाने और उन्हें एक-दूसरे से जोड़ने का मंच है, ताकि उनकी प्रेरणादायक कहानियाँ और अधिक लोगों तक पहुँच सकें।

‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ के पहले संस्करण में शिक्षा और सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में कार्य करने वाले आठ लोगों को सम्मानित किया गया था। इनमें इंदौर के राजन रानाडे और अमित त्रिवेदी, पटना के रोहित कुमार सिंह, झारखंड के संतोष कुमार पंडा और शबनम खातून, राजस्थान के धर्मवीर जाखड़ और डॉ. सुनील कुमार शर्मा सहित कई नाम शामिल रहे।

दूसरे संस्करण में यह पहल और अधिक व्यापक हुई, जिसमें शिक्षा, सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन और इको वॉरियर श्रेणियों में 15 बदलावकर्ताओं को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में जबलपुर के पराग दीवान, अयोध्या के एसआई रंजीत यादव और अन्य समाजसेवियों ने जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुँचाने का काम किया। वहीं सरप्लस फूड डिस्ट्रीब्यूशन श्रेणी में कई लोगों ने भोजन की बर्बादी रोकने और जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इको वॉरियर श्रेणी में पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाले समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया।

आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल एक ऑनलाइन बैठक नहीं, बल्कि संघर्ष, सेवा और समाज परिवर्तन की प्रेरणादायक कहानियों का संगम होगा। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि छोटी-छोटी कोशिशों और संवेदनशील सोच की जरूरत होती है।

अब ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ का तीसरा संस्करण और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि देश के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में समाज के लिए काम कर रहे अनसुने चेहरों को भी पहचान मिल सके।

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