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देवी सती ने भगवान महादेव के सम्मान की रक्षा के लिए दिया प्राणों का बलिदान
प्रेम, त्याग और विरह की गाथा ‘गणेश कार्तिकेय’ में दिखेगा भावुक प्रसंग
मुंबई: सोनी सब का पौराणिक धारावाहिक ‘गणेश कार्तिकेय: गाथा शिव परिवार की’ अब कहानी के एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक मोड़ पर पहुंचने जा रहा है, जहां भगवान शिव और देवी सती की दिव्य कथा प्रेम, त्याग और आत्मसम्मान के प्रतीक रूप में सामने आएगी।
इसके बावजूद देवी सती को विश्वास होता है कि बेटी का अपने पिता के घर में हमेशा स्थान होता है। इसी उम्मीद के साथ वह यज्ञ में पहुंचती हैं, लेकिन वहां उन्हें गहरा अपमान सहना पड़ता है। कथा के अनुसार राजा दक्ष सबके सामने भगवान शिव का अपमान करते हैं और उनके विवाह पर सवाल उठाते हैं।
पति के अपमान से आहत देवी सती इस स्थिति को सहन नहीं कर पातीं और अपने आत्मसम्मान तथा भगवान शिव के सम्मान की रक्षा के लिए अग्निकुंड में प्रवेश कर आत्मदाह कर लेती हैं। यह घटना पूरे ब्रह्मांड को झकझोर देती है और इसके बाद भगवान शिव के प्रचंड तांडव का प्रसंग सामने आता है। इसी क्रम में वीरभद्र और भद्रकाली के प्रकट होने की कथा भी दिखाई जाएगी।
शो में देवी सती की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री श्रेनु पारिख ने कहा कि यह प्रसंग भावनात्मक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, “एक बेटी जो अपने पिता की स्वीकृति चाहती है और एक पत्नी जो अपने पति का अपमान सहन नहीं कर सकती, इन दोनों भावनाओं को एक साथ निभाना आसान नहीं था। सती का वह पल, जब उसकी उम्मीद टूट जाती है, बेहद मार्मिक है। यह केवल क्रोध की कहानी नहीं, बल्कि एक स्त्री के आत्मसम्मान की कहानी है।”
‘गणेश कार्तिकेय: गाथा शिव परिवार की’ हर सोमवार से शनिवार रात 8 बजे सोनी सब पर प्रसारित होता है।
