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“द्रोणाचार्य वह मौन शक्ति हैं, जो पांडवों और कौरवों दोनों की किस्मत गढ़ते हैं” : ‘हस्तिनापुर के वीर’ में अपने किरदार पर बोले जितेन लालवानी
मुंबई, अप्रैल 2026: Sony SAB अपने नए पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ के साथ दर्शकों को महाभारत के स्वर्णिम अध्यायों की एक नई और भावनात्मक यात्रा पर ले जाने के लिए तैयार है। यह शो पांडवों और कौरवों के शुरुआती वर्षों की कहानी को सामने लाएगा, जिसमें उनके व्यक्तित्व, संघर्ष, मूल्यों और जीवन की नींव को दर्शाया जाएगा।
जितेन लालवानी अपने पौराणिक किरदारों, दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस और पात्रों में गहराई लाने की कला के लिए जाने जाते हैं। द्रोणाचार्य केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि ऐसे मार्गदर्शक हैं जो बच्चों को अपनी सीमाओं से ऊपर उठने की प्रेरणा देते हैं। पांडवों के लिए वे सोचने का तरीका गढ़ते हैं और सिखाते हैं कि असली मूल्य कौशल, अनुशासन और एकाग्रता से आता है। वे प्रतिभा को तुरंत पहचानते हैं और उसे स्नेहपूर्वक निखारते हैं, जिससे हर शिष्य अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सके।
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए जितेन लालवानी ने कहा, “मुझे हमेशा से पौराणिक कहानियों से गहरा जुड़ाव रहा है और पहले भी कुछ का हिस्सा बनकर मैंने महसूस किया है कि ये पात्र कितने शक्तिशाली और कालातीत हैं। लेकिन द्रोणाचार्य अलग हैं, वे एक मौन शक्ति हैं, जो पांडवों और कौरवों दोनों की किस्मत गढ़ते हैं। वर्कशॉप्स के दौरान इस किरदार ने मुझे मेरी अपनी यात्रा और उन गुरुओं के बारे में सोचने पर मजबूर किया, जिन्होंने मुझे मार्ग दिखाया। द्रोणाचार्य के साथ यह सिर्फ ताकत की बात नहीं है, बल्कि ज़िम्मेदारी, चुनाव और आंतरिक संघर्ष की भी है। यही इस किरदार को मेरे लिए इतना खास बनाता है।”
‘हस्तिनापुर के वीर’ के साथ दर्शक महाभारत की एक नई प्रस्तुति देख पाएंगे, जहाँ कहानी युद्धों से आगे बढ़कर उन रिश्तों, मूल्यों और निर्णयों को सामने लाती है, जिन्होंने इन महानायकों को गढ़ा।
Sony SAB पर जल्द आ रहा ‘हस्तिनापुर के वीर’—देखना न
