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आपसी सहयोग का प्रदर्शन
भारत-बांग्लादेश संबंधों में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना ने तीन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। संयुक्त रूप से इन परियोजनाओं का उद्घाटन दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों और आपसी सहयोग का प्रदर्शन है। इससे साबित हो गया है कि पड़ोसी देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध आपसी आर्थिक विकास को गति दे सकते हैं।
करीब 15 किलोमीटर लंबे अगरतला-अखौरा क्रॉस बॉर्डर रेल संपर्क से सीमा पार व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और ढाका के रास्ते अगरतला और कोलकाता के बीच यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। यह पूर्वोत्तर और बांग्लादेश के बीच पहला रेल लिंक है। इन परियोजनाओं को भारतीय मदद से तैयार किया गया है। भारत और बांग्लादेश के संबंध शुरुआत से अच्छे रहे हैं।
भारत के पूर्वी पड़ोसी के रूप में बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति के कारण इसका रणनीतिक महत्व है। भारतीय उपमहाद्वीप में बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। बांग्लादेश के साथ भारत के सभ्यतागत, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध हैं। भारत और बांग्लादेश 4096.7 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं। यह भारत द्वारा अपने किसी भी पड़ोसी देश के साथ साझा की जाने वाली सबसे लंबी स्थलीय सीमा है।
असम, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, मेघालय और त्रिपुरा की सीमा बांग्लादेश से लगती है। बांग्लादेश और भारत ने हाल के दिनों में आपसी सहयोग से बड़ी सफलता हासिल की है। जुलाई 2023 में बांग्लादेश और भारत ने रुपए में व्यापारिक लेन-देन शुरू किया जिसका उद्देश्य अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम करना तथा क्षेत्रीय मुद्रा व व्यापार को मजबूत करना था।
बांग्लादेश ने भारत को चट्टोग्राम और मोंगला बंदरगाहों तथा चट्टोग्राम हवाई अड्डे का उपयोग करने का अवसर दिया है। साथ ही चट्टोग्राम और मोंगला बंदरगाहों के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग की गुंजाइश बनाई है। दोनों देशों के बीच हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और ई-कॉमर्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक डिजिटल कनेक्टिविटी कॉरिडोर स्थापित करने की आवश्यकता है। व्यापार, सहयोग एवं तकनीकी आदान-प्रदान के नए मार्ग के निर्माण लिए भारत की पड़ोसी प्रथम नीति में अभी भी कई प्रमुख मुद्दे मौजूद हैं जिन्हें संबोधित करने की आवश्यकता है।
