बेमौसम बारिश और गिरते दामों से खस किसानों पर संकट, लागत निकालना भी मुश्किल

सीतापुर। जिले के महमूदाबाद क्षेत्र में खस की खेती करने वाले किसान इस वर्ष बेमौसम बारिश और खस के तेल की कीमतों में गिरावट के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने से उत्पादन घट गया है और लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है।

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि मार्च और अप्रैल माह में हुई अनियमित बारिश का सीधा असर खस की फसल पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण फसल प्रभावित हुई है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उपनिदेशक कृषि ने बताया कि पिछले एक माह में हुई बेमौसम वर्षा से खस की पैदावार और तेल उत्पादन दोनों प्रभावित हुए हैं। महमूदाबाद तहसील और आसपास के विकासखंडों के गांवों में करीब 75 हेक्टेयर क्षेत्र में 250 से अधिक किसान कई वर्षों से खस की खेती कर रहे हैं।

किसानों के अनुसार, पहले प्रति बीघा खस से छह से सात लीटर तक तेल निकलता था, लेकिन इस बार यह घटकर दो से तीन लीटर रह गया है। वहीं बाजार में खस के तेल की कीमत भी काफी कम हो गई है। पहले यह तेल 10 से 12 हजार रुपये प्रति लीटर तक बिकता था, जबकि वर्तमान में इसका मूल्य छह से सात हजार रुपये प्रति लीटर रह गया है।

किसानों का कहना है कि एक बीघा खस की खेती में लगभग 18 से 20 हजार रुपये तक की लागत आती है, लेकिन उत्पादन घटने और कीमतों में गिरावट के कारण उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।

कृषि विज्ञानी ने कहा कि लगातार हो रहे नुकसान के कारण किसानों का खस की खेती से मोहभंग होने लगा है और उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

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