नाथ कॉरिडोर परियोजना से बदलेगी बरेली की धार्मिक पहचान, 60 करोड़ से अधिक की योजनाएं जारी

बरेली। के निर्देशन में शुरू की गई ‘नाथ कॉरिडोर’ परियोजना के तहत बरेली के प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास कार्यों को तेजी दी गई है। करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस योजना का उद्देश्य नाथ परंपरा से जुड़े प्राचीन स्थलों का संरक्षण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि सरकार भगवान शिव और नाथ परंपरा से जुड़े मंदिरों को एक धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित कर रही है। “विकास भी, विरासत भी” थीम के तहत इन स्थलों की पौराणिकता और आध्यात्मिक महत्व को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

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नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत सदर कैंट स्थित के विकास पर 7.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं पर 5.82 करोड़, पर 6.55 करोड़ और पर 8.36 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं।

करीब 930 वर्ष पुराने के विकास पर 11.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां मुख्य द्वार, वैदिक लाइब्रेरी और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा , तुलसी मठ और मढ़ीनाथ मंदिर को भी नाथ कॉरिडोर से जोड़ा गया है।

सावन में आने वाले कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यात्री शेड, विश्राम गृह, परिक्रमा मार्ग, एलईडी लाइटिंग, टॉयलेट ब्लॉक और सौंदर्यीकरण कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही शहर के 19 प्रमुख स्थलों पर फोकस वॉल भी बनाई जाएंगी।

पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में बरेली में 1.09 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे थे। सरकार का दावा है कि नाथ कॉरिडोर परियोजना पूरी होने के बाद बरेली धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

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