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Shahjahanpur News: फर्जी ब्रिगेडियर बनकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, आर्मी इंटेलिजेंस कर रही पूछताछ
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर कैंट क्षेत्र में सेना ने खुद को ब्रिगेडियर बताकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रोजा थाना क्षेत्र के दुर्गा एन्क्लेव निवासी आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। वह सेना की वर्दी पहनकर, कंधे पर ब्रिगेडियर के स्टार लगाकर और सैन्य अधिकारी जैसा रौब दिखाकर लोगों को धोखा दे रहा था। उसकी निजी कार पर सैन्य ध्वज और प्रतीक चिह्न लगाए जाने के बाद उसका फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।
मां की इच्छा पूरी करने के लिए किया फर्जीवाड़ा
प्रारंभिक पूछताछ में आर्यन ने बताया कि उसकी मां की इच्छा थी कि वह सेना में अधिकारी बने। नीट परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद वह दिल्ली चला गया और वहीं से फर्जी सैन्य वर्दी, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र और विजिटिंग कार्ड तैयार करवा लिए। जनवरी में उसने अपने परिवार को बताया था कि उसका चयन सेना में ब्रिगेडियर के पद पर हो गया है और उसकी तैनाती चंडीगढ़ के कमांड अस्पताल में हुई है।
दो बाउंसर और ड्राइवर भी साथ मिला
आर्यन के साथ दो व्यक्ति शशांक और मोहसिन भी मौजूद थे, जिन्हें वह एनएसजी कमांडो बताता था, जबकि जांच में वे एक हजार रुपये प्रतिदिन पर काम करने वाले बाउंसर निकले। उसका चालक जगवीर भी फर्जी रक्षा मंत्रालय का पहचान पत्र लेकर घूम रहा था। सेना ने चारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पिस्टल और फर्जी दस्तावेज बरामद
जांच के दौरान आरोपी के पास से एक पिस्टल भी बरामद हुई है, जिसे वह एयर पिस्टल बता रहा है। आर्मी इंटेलिजेंस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसका किसी विदेशी एजेंसी, पाकिस्तान की खुफिया संस्था या किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध तो नहीं है। सेना की टीम ने आरोपी के घर पहुंचकर भी दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की है।
दिल्ली में तैयार कराए थे फर्जी कागजात
जांच में सामने आया है कि आर्यन ने अपने एक परिचित की मदद से दिल्ली के लक्ष्मीनगर क्षेत्र में फर्जी सैन्य पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र और विजिटिंग कार्ड तैयार करवाए थे। इन दस्तावेजों पर सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों के नाम दर्ज थे, ताकि लोगों को आसानी से विश्वास हो सके।
फिलहाल, आर्मी इंटेलिजेंस और सैन्य पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने केवल रौब जमाने के लिए यह फर्जीवाड़ा किया था या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य छिपा हुआ था।
