एक साल में स्माइल फाउंडेशन ने 20 लाख लोगों तक पहुंचाई स्वास्थ्य सेवाएं, 22 राज्यों में चल रहीं 143 परियोजनाएं

नई दिल्ली: स्माइल फाउंडेशन ने अपने इंटीग्रेटेड कम्युनिटी हेल्थकेयर प्रोग्राम के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 20 लाख लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2006 में इस कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से अब तक संस्था 70 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचा चुकी है।

देश में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, आर्थिक चुनौतियों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुंच को देखते हुए स्माइल फाउंडेशन ने ऐसा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मॉडल विकसित किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्य करता है।

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वर्तमान में संस्था देशभर में 143 स्वास्थ्य परियोजनाएं संचालित कर रही है। इनमें 124 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू), छह स्थायी क्लीनिक, छह मोबाइल टेली-मेडिसिन यूनिट (एमटीयू), दो मोबाइल डेंटल वैन, चार मातृ, शिशु, किशोर स्वास्थ्य एवं पोषण परियोजनाएं (आरएमएनसीएएच+एन) तथा एक बोट क्लीनिक परियोजना शामिल हैं।

स्माइल फाउंडेशन का यह कार्यक्रम 22 राज्यों के 90 जिलों में संचालित हो रहा है, जिनमें 22 आकांक्षी जिले भी शामिल हैं। यह पहल आयुष्मान भारत, नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम और पोषण अभियान जैसे सरकारी प्रयासों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मोबाइल मेडिकल और टेली-मेडिसिन सेवाओं के जरिए 17.80 लाख लोगों को इलाज उपलब्ध कराया गया। वहीं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं से 1.15 लाख लोगों को लाभ मिला तथा बड़े स्तर पर आयोजित स्वास्थ्य जांच अभियानों से 1.57 लाख लोगों की जांच की गई, जिसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और एनीमिया जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

संस्था ने स्वास्थ्य जागरूकता शिविरों और स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और समुदायों में स्वच्छता, संतुलित पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य किया है।

लद्दाख के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों, ब्रह्मपुत्र के नदी द्वीपों और शहरी झुग्गी बस्तियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ संस्था ट्रक चालकों, निर्माण मजदूरों और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम भी संचालित कर रही है।

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन से जुड़कर स्माइल फाउंडेशन ने डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक मरीज रिकॉर्ड, रियल-टाइम डैशबोर्ड, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे तकनीकी साधनों के जरिए पारदर्शिता, निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा रहा है।

स्माइल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं कार्यकारी ट्रस्टी सांतनु मिश्रा ने कहा, “हमारे डॉक्टर, नर्स, फील्ड वर्कर और सहयोगी देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। सहयोगी संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन के समर्थन से हम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशनों के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए हर जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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