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ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज ने भारत में लॉन्च की पहली किफायती ड्रग-फ्री हैंडहेल्ड सांस डिवाइस ‘पेपेअर™’
लखनऊ, फरवरी। ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज लिमिटेड ने भारत में एक किफायती, ड्रग-फ्री हैंडहेल्ड सांस की डिवाइस ‘पेपेअर™’ लॉन्च की है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि यह भारत का पहला ऑसिलेटिंग पॉजिटिव एक्सपायरेटरी प्रेशर (ओपीईपी) डिवाइस है, जिसमें तीन-रेज़िस्टेंस सिस्टम दिया गया है।
ज़ाइडस ने कहा कि भारत में 90 लाख से अधिक लोग गंभीर श्वसन रोगों से पीड़ित हैं, जिनमें अत्यधिक और लगातार बलगम बनना एक आम समस्या है। ऐसे मरीजों के लिए प्रभावी और किफायती एयरवे क्लीयरेंस समाधान की आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने ‘पेपेअर™’ को 990 रुपये प्रति यूनिट की कीमत पर उपलब्ध कराया है।
कंपनी ने बताया कि यह डिवाइस एयरोडेल टेक्नोलॉजी इनोवेशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत लॉन्च की गई है। एयरोडेल एक भारतीय मेडिकल डिवाइस कंपनी है, जो ड्रग-डिलीवरी और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन को सरल बनाने पर काम करती है।
इस अवसर पर ज़ाइडस लाइफ़साइंसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर शर्विल पटेल ने कहा कि कंपनी का फोकस मरीज-केंद्रित नवाचार पर है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ हो सकें। उन्होंने कहा कि ‘पेपेअर™’ एक ड्रग-फ्री, हैंडहेल्ड समाधान है, जिसे श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों की सांस लेने की क्षमता बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कंपनी के अनुसार, ओपीईपी थेरेपी में हैंडहेल्ड डिवाइस के ज़रिए सांस छोड़ते समय दबाव और कंपन उत्पन्न किया जाता है, जिससे जमे हुए बलगम को ढीला करने, श्वसन नलिकाओं को खोलने और बलगम को बाहर निकालने में मदद मिलती है। क्लिनिकल दिशानिर्देशों में ओपीईपी आधारित एयरवे क्लीयरेंस थेरेपी की सिफारिश की गई है, लेकिन किफायती उपलब्धता की कमी के कारण बड़ी संख्या में मरीज इसका लाभ नहीं ले पाते थे।
ज़ाइडस ने कहा कि भारत में वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, तेज़ शहरीकरण और फेफड़ों की बीमारियों की देर से पहचान के कारण श्वसन रोगों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
कंपनी भारत की प्रमुख रेस्पिरेटरी दवा कंपनियों में शामिल है और ओरल तथा इनहेलेशन थेरेपी के क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति रखती है।
